Electric Vehicle Range: EV की रेंज में कौन-से फीचर्स जोड़ती है कंपनी, कितनी स्पीड पर ज्यादा मिलती है परफॉर्मेंस?
Electric Vehicle Range: इलेक्ट्रिक कारों में दिए जाने वाले इको मोड, रीजनरेटिव ब्रेकिंग, स्मार्ट रूटिंग और अन्य फीचर्स बैटरी बचाने के साथ एक बार चार्ज में ज्यादा दूरी तय करने में मदद करते हैं.

Electric Vehicle Range: आजकल इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वालों की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि एक बार चार्ज करने पर गाड़ी कितनी दूर चलेगी. इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनियां अब अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों में कई ऐसे फीचर्स दे रही हैं जो बैटरी की एनर्जी बचाते हैं और रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं. ज्यादातर नई इलेक्ट्रिक गाड़ियों में इको मोड दिया जाता है, जो गाड़ी की तेजी से भागने की क्षमता को थोड़ा कम कर देता है लेकिन बैटरी की खपत काफी कम कर देता है. इसके अलावा एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसा फीचर भी मिलता है, जो ट्रैफिक के हिसाब से खुद ही गाड़ी की स्पीड को एडजस्ट करता रहता है, जिससे एनर्जी की बचत होती है. साथ ही कई गाड़ियों में प्रीकंडीशनिंग नाम का फीचर भी दिया जाता है, जिससे चार्जिंग के दौरान ही केबिन को गर्म या ठंडा किया जा सकता है, ताकि चलते समय बैटरी की एनर्जी उसमें खर्च ना हो.
रीजनरेटिव ब्रेकिंग और स्मार्ट रूटिंग से भी मिलती है मदद
रेंज बढ़ाने में एक और बड़ा रोल निभाता है रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, जिसे कुछ गाड़ियों में वन-पेडल ड्राइविंग भी कहा जाता है. इसमें ब्रेक लगाते समय गाड़ी की एनर्जी वापस बैटरी में चली जाती है, जिससे रेंज बढ़ जाती है. इसके साथ ही कंपनियां अब स्मार्ट नेविगेशन सिस्टम भी दे रही हैं, जो रास्ते में पड़ने वाले चार्जिंग स्टेशन, चढ़ाई-उतराई और ट्रैफिक को ध्यान में रखकर सबसे बेहतर रास्ता सुझाते हैं. इससे बैटरी अनावश्यक रूप से खर्च नहीं होती. टायर प्रेशर मॉनिटर भी एक अहम फीचर है, क्योंकि कम हवा वाले टायर गाड़ी की रेंज को 5 से 10 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं. इसके अलावा गाड़ी की बॉडी को एरोडायनामिक यानी हवा को कम रोकने वाली डिजाइन दी जाती है, जैसे बंद ग्रिल और फ्लश डोर हैंडल, जिससे गाड़ी चलते समय हवा का कम विरोध झेलती है और रेंज बढ़ती है.
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किस स्पीड पर चलाने से मिलती है सबसे अच्छी रेंज
अब बात करते हैं स्पीड की तो, ये रेंज को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है. इलेक्ट्रिक गाड़ियां आमतौर पर 90 से 105 किलोमीटर प्रति घंटा यानी करीब 55 से 65 मील प्रति घंटे की स्पीड पर सबसे ज्यादा एफिशिएंट मानी जाती हैं. इससे तेज स्पीड पर चलाने पर हवा का दबाव तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे बैटरी की खपत भी तेजी से बढ़ जाती है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाईवे पर लगभग 60 मील प्रति घंटे यानी करीब 96 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड सबसे संतुलित मानी जाती है, जहां गाड़ी अच्छी स्पीड में भी चलती है और बैटरी भी ज्यादा खर्च नहीं होती.
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