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अमेरिका के G-7 को पटखनी दे रहा भारत की अगुआई वाला ब्रिक्स, उड़ जाएंगे ट्रंप के होश

भारत की अगुआई में ब्रिक्स न केवल आर्थिक ताकत बन रहा है, बल्कि वैश्विक शासन में नया संतुलन स्थापित कर रहा है. ब्रिक्स समूह ने G-7 को पछाड़कर वैश्विक मंच पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया चलिए जानें.

BRICS, यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह, अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में 38% हिस्सेदारी के साथ G-7 के 28% योगदान को पीछे छोड़ चुका है. यह बदलाव वैश्विक आर्थिक शक्ति में एक बड़ा उलटफेर दर्शाता है, जिसने अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सकते में डाल दिया है.

एकजुट हुआ BRICS

BRICS की इस ताकत का केंद्र है भारत और चीन जैसे तेजी से उभरते देश हैं. भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था और कूटनीतिक रणनीति के साथ BRICS को नई दिशा दे रहा है. जुलाई 2025 में रियो डी जनेरियो में हुए 17वें BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि 2026 में भारत की अध्यक्षता में BRICS को नया रूप दिया जाएगा, जो सहयोग, नवाचार और स्थिरता पर आधारित होगा.

जी-7 की घटी हिस्सेदारी

G-7, जिसमें अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा शामिल हैं, लंबे समय से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हावी रहा है. लेकिन अब BRICS, जिसमें हाल ही में मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हुए हैं, तेजी से उभर रहा है. BRICS देश दुनिया की 49.5% आबादी और वैश्विक जीडीपी में करीब 38% हिस्सेदारी रखते हैं. दूसरी ओर, G-7 की हिस्सेदारी, जो 1980 में 50% थी, अब घटकर 28.5% रह गई है. 

अमेरिकी अर्थशास्त्री ने चेताया

अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड वोल्फ का कहना है कि भारत का रूस से तेल खरीदना और अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करना यह दिखाता है कि वैश्विक शक्ति का संतुलन अब BRICS की ओर झुक रहा है. ट्रंप ने BRICS देशों पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, खासकर अगर ये देश नई मुद्रा लाने की कोशिश करेंगे. BRICS की ताकत सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक भी है. यह समूह संयुक्त राष्ट्र, IMF और विश्व बैंक जैसे संस्थानों में सुधार की मांग कर रहा है, ताकि विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व मिले. ट्रंप की टैरिफ नीतियां BRICS को और एकजुट कर रही हैं, जिससे अमेरिका की वैश्विक आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ रही है.

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About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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