Agriculture Advisory: धान के किसानों के लिए जारी हुई नई एडवाइजरी, ये फसल छोड़कर शुरू करें सब्जियों की खेती
Paddy Cultivation: धान की फसल के लिये कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिये मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है, जिनमें धान की रोपाई और दूसरे प्रबंधन कार्यों का सिरे से जिक्र किया गया है.
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Paddy Cultivation in Jharkhand: इस बार बारिश की अनिश्चितताओं के कारण धान की खेती (Paddy Cultivation) का काम सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. खासकर बात करें झारखंड (Paddy Cultivation in Jharkhand) की तो राज्य में पिछले साल के मुकाबले कम बारिश देखी गई है, हालांकि अगस्त में मौसम की बदलती करवट के चलते किसानों की उम्मीदें तो जागी हैं और वे जल्द से जल्द धान की रोपाई (Paddy Plantation) निपटाने में जुट गये हैं. ऐसी स्थिति में धान की फसल के लिये कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिये मौसम आधारित कृषि सलाह (Weather Based Agriculture Advisory) जारी की है, जिनमें धान की रोपाई और दूसरे प्रबंधन कार्यों (Paddy Crop Management) का सिरे से जिक्र किया गया है.
जल्द से जल्द निपटा लें धान की रोपाई (Paddy Cultivation)
मौसम के अनुमान के मुताबिक झारखंड के जिन किसानों ने धान की रोपाई पूरी नहीं की है, वे खेतों में पानी को जमा करके मेडबंदी का काम कर लें, जिससे धान की रोपाई आसानी से की जा सके.
- जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली है, वे रोपाई के 20-25 दिनों के बाद खेत में निराई-गुड़ाई और खरपतवार का प्रबंधन कार्य करें और 20 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से बुरकाव करें.
- अगर धान का बिचड़ा 30 दिनों से ज्यादा उम्र का हो गया है तो रोपाई से पहले इनके ऊपरी भाग को 10 सेंमी काटकर 24 घंटे के लिये यूरिया के घोल में भिगोने के बाद ही रोपाई का काम करें.
- इस घोल को 2 ग्राम डीएपी या यूरिया के साथ 2 ग्राम म्युरीट ऑफ पोटाश और 1 लीटर पानी मिलाकर तैयार करें.
धान की फसल का प्रबंधन (Paddy Crop Management)
जिन किसानों ने धान की अगेती बुवाई या रोपाई की थी, वे किसान खेत में प्रबंधन कार्य करते रहें.
- इस समय धान की फसल में झुलसा रोग की समस्या लौट सकती है, दिसमें पत्तियों पर नाव के आकार के धब्बे पड़ जाते हैं और उतना हिस्सा राख के रंद हो जाता है.
- धान की फसल में झुलसा रोग के लक्षण दिखते ही 2 ग्राम फफूंदनाशी दवा बीन को पांच लीटर पानी में घोलकर पूरी फसल पर छिड़क दें.
- फसल में तना छेदक कीट का प्रकोप दिखने पर कीटनाशी दवा इमिडाक्लोप्रिड या ऑक्सीडिमेटोन की एक मिली मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर साफ मौसम होने पर छिड़डकाव करें.
ऊपरी इलाकों के किसान न बोयें धान (Vegetable Farming instead of Paddy)
जिन किसानों के खेत ऊपरी इलाकों में खाली पड़े हैं, वे अब धान की खेती न करें, बल्कि कुल्थी, सुरगुजा या दूसरी सब्जियों की खेती शुरु कर सकते हैं.
- सब्जियों की खेती (Vegetable Cultivation) के लिये उन्नत किस्म को बीज, खाद और उर्वरकों का ही प्रयोग करें, जिससे पछेती सब्जियों से भी अच्छी आमदनी मिल सके.
- किसान चाहें तो खाली जमीन पर मकई (Maize Cultivation)की कम अवधि वाली फसलें लगा सकते हैं, जो 80 से 90 दिन में पककर तैयार हो जाती हैं.
- अधिक बारिश की स्थिति में मेड़ या बेड़ बनाकर ही फसलों की बुवाई का काम और प्रबंधन (Crop Management) कार्य करें.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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