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Red Cabbage Farming: पांच सितारा होटलों की शान है यह सब्जी, इस तरह करेंगे खेती को हाथोंहाथ बिकेगी

Cabbage Farming: लाल पत्ता गोभी की उन्नत किस्मों की मदद से व्यावसायिक खेती करके 150 से 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन पा सकते हैं. ये बाजार में 3000 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल बिकती है.

Red Cabbage Cultivation: बाजार में अब साधारण सब्जियों की तुलना में उनके नए अवतार काफी पसंद किया जा रहा है. चाहे वो चेरी टमाटर (Cheery Tomato) हो या रंग बिरंगी शिमला मिर्च (Colorful Capsicum), अब लोग साधारण हरी सब्जियों से ऊबकर रंग-बिरंगी सब्जियों का सेवन कर रहे हैं. ये सब्जियां बेशक अलग-अलग रंग, आकार-प्रकार की होती हैं, लेकिन इनके गुण साधारण सब्जियों के मुकाबले कहीं अधिक होते हैं.

ऐसी ही एक सब्जी है लाल पत्ता गोभी (Red Cabbage Cultivation), जिसकी बाजार  में डिमांड बढ़ती जा रही है. अब तक तो यह सिर्फ फाइव स्टार होटलों की शान होती थी, लेकिन सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने के कारण अब बड़े मॉल्स, डिपार्टमेंटल स्टोर, ऑनलाइन मार्केट और कैफे में इसकी खपत बढ़ गई है. शहरी इलाकों में खेती करने वाले किसान चाहें तो लाल पत्तागोभी की खेती (Red Cabbage Farming) करके कम समय में काफी अच्छा पैसा कमा सकते हैं.  


Red Cabbage Farming: पांच सितारा होटलों की शान है यह सब्जी, इस तरह करेंगे खेती को हाथोंहाथ बिकेगी

खेती के लिए मिट्टी
लाल पत्ता गोभी की खेती करने के लिए सबसे पहले मिट्टी की जांच और विशेषज्ञ से सलाह-मशविरा जरूरी है. इसकी खेती के लिए हल्की दोमट मिट्टी, चिकनी मिट्टी सबसे उपयुक्त रहती है. हालांकि मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए, जिससे कि स्वस्थ और बेहतर उत्पादन मिल सके.

खेती के लिए जलवायु 

जाहिर है कि किसी भी फसल की खेती के लिए सही जलवायु में बुवाई होना आवश्यक है. वैसे तो पॉलीहाउस और लोटनल में बेमौसमी खेती भी कर सकते हैं, लेकिन खुले खेत में इसका उत्पादन पाने के लिए तापमान कम और ठंडी जलवायु होनी चाहिए. लाल पत्ता गोभी की खेती के लिए सितंबर से नवंबर और जनवरी से लेकर फरवरी तक रोपाई का काम कर सकते हैं.

नर्सरी की तैयारी

लाल पत्ता गोभी की खेती के लिए रेड रॉक और रेड ड्रम हेड किस्म से पौधे तैयार कर सकते हैं, जिसके लिए 400 से 500 ग्राम प्रति हेक्टेयर यानी 200 से 250 ग्राम प्रति एकड़ बीजों की आवश्यकता पड़ती है. बता दें कि लाल पत्ता गोभी के बीजों की बुवाई के लिए सबसे पहले ऊंची क्यारियां बनाई जाती हैं, ताकि पानी का जमाव और खरपतवारों की समस्या ना रहे. नर्सरी में लाल पत्ता गोभी के पौधे 20 से 25 दिनों के अंदर तैयार हो जाते हैं, जिसके बाद खेतों में इनकी रोपाई की जा सकती है. 
 
खेत की तैयारी 

वैसे तो लाल पत्ता गोभी एक उन्नत किस्म है, लेकिन जैविक विधि से इसकी खेती करने पर किसानों को बेहतर उत्पादन मिलता है. 

  • इसके पौधों की रोपाई से पहले खेतों में 3 से 4 गहरी जुताई लगाकर पाटा चलाया जाता है, जिससे मिट्टी की संरचना भुरभुरा और रोग से मुक्त हो जाए.
  • इसके बाद कार्बनिक पदार्थों से भरपूर वर्मी कंपोस्ट या 15 से 20 टन साड़ी गोबर की खाद डालकर खेत तैयार किया जाता है. 
  • मिट्टी की जांच के आधार पर 60 किलो नाइट्रोजन 40 किलो फास्फोरस और 40 किलो पोटाश प्रति हेक्टेयर के हिसाब से प्रयोग करना भी फायदेमंद रहता है.
  • खेत की तैयारी के बाद खेत में ऊंची क्यारियां या मेड़ बनाई जाती हैं. इसी के साथ लाइनों के बीच 50 सेमी. और पौध के बीच 30 से 35 की दूरी रखकर रोपाई की जाती है. 

लाल पत्ता गोभी की देखभाल

लाल पत्ता गोभी एक खास किस्म की सब्जी है, जिसकी अच्छी उपज के लिए उचित ढंग से फसल प्रबंधन करना बेहद जरूरी है. 

  • रोपाई के 15 से 25 दिनों के अंदर पहली निराई गुड़ाई करके खरपतवारों को निकाला जाता है. इससे पौधों के विकस में भी मदद मिलती है.
  • इसकी रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई और 15 से 20 दिनों के अंदर हल्की सिंचाई करके मिट्टी में नमी बनाई जाती है.
  • ध्यान रखें कि रोपाई से पहले ही खेतों में जल निकासी का प्रबंध भी करें, जिससे पानी का जमाव ना हो और फसल सुरक्षित रूप से विकास करती रहे. 
  • फसल में अकसर कैटरपिलर इल्ली और कीटों का खतरा मंडराता रहता है, जिसकी रोकथाम के लिए मोनोक्रोटोफॉस का 2% घोल बनाकर छिड़कना चाहिए.
  • किसान चाहें तो नीम और गोमूत्र आधारित कीटनाशकों का प्रयोग करके भी कीट-रोगों का जैविक नियंत्रण कर सकते हैं.

उत्पादन और आमदनी

लाल पत्ता गोभी की उन्नत किस्मों से खेती करके 150 से 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन (Red Cabbage Production) ले सकते हैं, जिसे बाजार में 3000 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल (Red Cabbage Price) बेचा जा सकता है. जब इसके शीर्ष मजबूत, रंग लाल और आकार बड़ा होने पर ही इसकी कटाई करनी चाहिए. कटाई के दौरान इसके ऊपरी आवरण से दो पत्तों को निकाल दें, जिससे लाल पत्ता गोभी ज्यादा समय तक तरोताजा बनी रहे.

वैसे तो यह अभी तक मॉल्स, बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर, ऑनलाइन मार्केट में ही बेची जा रही है, लेकिन बड़े-बड़े फाइव स्टार होटल्स और कैफे में इसकी डिमांड बनी रहती है. किसान चाहें तो लाल पत्ता गोभी की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग(Contract Farming of Red Cabbage)  या व्यावसायिक खेती करके भी हरी पत्ता गभी (Green Cabbage Farming) के मुकाबले ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.  

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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