एक्सप्लोरर

Crop Special: तालाब हो या खेत! हर जगह पाये सिंघाड़े की जबरदस्त पैदावार, बस इन बातों का रखें खास ध्यान...

Singhara Ki Kheti: सिंंघाड़ा एक जलीय फल है लेकिन बिना तालाब, खेत में भी इसकी खेती कर सकते हैं. ये प्रयास किया है यूपी के किसान सेठपाल सिंह ने. इन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा है.

Waterchest Nut Farming: भारत की मिट्टी और जलवायु में फल और सब्जियों का क्वालिटी प्रोडक्शन काफी आसानी से मिल जाता है. वैसे तो भारत में सब तरह के फलों की खपत होती है लेकिन सिंघाड़े का नाम आज भी फलों के लिस्ट में टॉप पर है. भारत में सिंघाड़े (Singhara) के शौकीन भरे पड़े हैं. किसानों को भी इस जलीय फल से काफी अच्छी आमदनी होती है. सबसे अच्छी बात यह है कि अब सिंघाड़े की खेती तालाब तक ही सीमित नहीं रही बल्कि खेत में भी सिंघाड़े की वैज्ञानिक खेती कर काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह फल बेहद कम समय में किसानों को काफी अच्छा प्रोडक्शन देता है. खासकर बारिश के बाद जल स्रोत और खेतों में पानी भरकर सिंघाड़े की खेती (Waterchest Nut Farming) करना मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है. 

इन किस्मों से करें खेती 
वैसे तो भारत में कई तरह के सिंघाड़े उगाए और खाए जाते हैं. इनमें हरे रंग का सिंघाड़ा, लाल रंग का सिंघाड़ा और बैंगनी रंग का सिंघाड़ा काफी फेमस है. भारत में सिंघाड़े को कानपुरी, जौनपुरी, देसी लार्ट और देसी स्माल आदि नामों से जानते है. इसकी खेती बिहार से लेकर झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के भी कई इलाकों में की जाती है.

मिट्टी और जलवायु 
वैसे तो सिंघाड़ा एक जलीय पौधा है, लेकिन खेत में भी सिंघाड़े की खेती की जा सकती है. तालाब के बिना खेत में सिंघाड़े की खेती करने का सफल प्रयास किया है उत्तर प्रदेश के किसान सेठ पाल सिंह ने, जिन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा है. सफल किसान सेठ पाल सिंह के प्रयासों से प्रेरणा लेकर किसानों के खेतों में भी सिंघाड़े की खेती कर सकते हैं. इसकी बुआई के लिए मानसून के बाद का समय सबसे उपयुक्त रहता है. बारिश के बाद जब जलाशयों और खेतों में पानी भर जाता है. उस समय सिंघाड़े की बुवाई करने पर पानी के अंदर फसल का तेजी से विकास होता है और कम समय में काफी फलों का प्रोडक्शन मिलने लगता है.

पोषण प्रबंधन 
चाहे फसल खेत में हो या तालाब में बेहतर पैदावार के लिए खाद और उर्वरक की उपलब्धता फसल को सुनिश्चित करना जरूरी होता है. इसी तरह सिंघाड़े की फसल में भी पोल्ट्री की खाद के साथ-साथ जैव या रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल चाहिये. यह फल 6 से 7.5 के पीएच मान पर निकलते है. किसान चाहें तो फास्फोरस और पोटेशियम का प्रयोग भी कर सकते हैं. सिंघाड़े के प्रमुख उत्पादक राज्य सिंघाड़े की खेती के लिए  प्रति हेक्टेयर में 30 से 40 किलोग्राम यूरिया का इस्तेमाल करते हैं. यूरिया का बुरकाव रोपाई के 30 दिन बाद और 45 दिन बाद किया जाता है.

सिंघाड़े की रोपाई 
कम समय में सिंघाड़े का अच्छा उत्पादन लेने के लिए इसकी सीधी बुवाई ना करके नर्सरी में पौधे तैयार करने की सलाह दी जाती है. सिंघाड़े की खेती करने का वैज्ञानिक तरीका किसानों को मात्र 6 से 8 सप्ताह के अंदर सिंघाड़े का बंपर प्रोडक्शन दिला सकता है. इसके लिए सबसे पहले कम पोषक तत्व वाली नर्सरी में सिंघाड़े के पौधे तैयार किये जाते हैं. पौधों की लंबाई 300 मिमी. होने के बाद तालाब में पौधों की रोपाई कर दी जाती है. इसके बाद 6 सप्ताह के अंदर ही इनसे फलों का उत्पादन मिलने लगता है.

फसल प्रबंधन 
बेशक सिंघाड़ा एक जलीय फसल है, लेकिन कभी-कभी यह फसल कीट-रोगों की चपेट में आ ही जाती है. खासकर वाटर बीटल और रेड डेट नाम के कीड़े सिंघाड़े की फसल को बर्बाद कर सकते हैं. इससे उत्पादन 25 से 40% तक घट सकता है. वही नील भृंग, महू और घुन के कारण भी सिंघाड़े की फसल को काफी नुकसान होता है. इसकी रोकथाम के लिए वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार कीटनाशकों का छिड़काव कर सकते हैं.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़ें- पानी पर तैरते खेत! 200 साल पहले वरदान थी ये तकनीक, आज बनी किसानों की मजबूरी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Pakistan Afghanistan: डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
SA vs NZ Semi Final: 77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Pakistan Afghanistan: डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
SA vs NZ Semi Final: 77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'
'कोई भी उत्तराधिकारी चुना...' खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले इजरायल ने ईरान को फिर दी धमकी
'कोई भी उत्तराधिकारी चुना...' खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले इजरायल ने ईरान को फिर दी धमकी
यूएस के हवाई हमलों का खौफ? क्यों टला ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम
यूएस के हवाई हमलों का खौफ? क्यों टला ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम
मर्चेंट नेवी में कैसे मिलती है जॉब, 12वीं के बाद इसमें कैसे बनाएं करियर?
मर्चेंट नेवी में कैसे मिलती है जॉब, 12वीं के बाद इसमें कैसे बनाएं करियर?
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास नीदरलैंड के सैलानियों पर चढ़ा होली का रंग, जमकर उड़ाया गुलाल, वीडियो वायरल
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास नीदरलैंड के सैलानियों पर चढ़ा होली का रंग, जमकर उड़ाया गुलाल, वीडियो वायरल
Embed widget