Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में व्रत से कौन-कौन से ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित किया जा सकता है?
Navratri 2025: नवरात्रि में व्रत रखना न केवल आध्यात्मिक बल्कि ज्योतिषीय रूप से भी लाभदायक है. यह नवग्रहों की शांति में सहायक होता है, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि बढ़ती है.

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि एक पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है, जिसमें देवी दुर्गा की उपासना की जाती है. इस दौरान व्रत रखने की परंपरा है, जिसे न केवल धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. व्रत रखने से शरीर शुद्ध होता है, आत्मिक ऊर्जा बढ़ती है और ग्रहों की अशुभता भी कम होती है.
व्रत और ग्रहों का संबंध
ज्योतिष में नवग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन पर सीधा पड़ता है. नवरात्रि के दौरान व्रत करने से इन ग्रहों को शांत किया जा सकता है.
1. सूर्य : आत्मबल और सफलता
- सूर्य की स्थिति यदि कुंडली में कमजोर हो तो नवरात्रि में व्रत रखने से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है.
- गुड़ और लाल फूल चढ़ाने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है.
2. चंद्रमा : मानसिक शांति
- कमजोर चंद्रमा चिंता और भावनात्मक अस्थिरता का कारण बनता है.
- नवरात्रि के दौरान दूध, चावल और सफेद मिठाई का भोग लगाना चंद्रमा को संतुलित करता है.
3. मंगल : साहस और ऊर्जा
- मंगल दोष से गुस्सा और अशांति होती है.
- व्रत के साथ गुड़ और अनार का सेवन मंगल को बल प्रदान करता है.
4. बुध : बुद्धि और संवाद क्षमता
- बुध कमजोर हो तो निर्णय क्षमता प्रभावित होती है.
- नवरात्रि में हरे रंग की चीजें (पान, मूंग) अर्पित करने से बुध ग्रह को लाभ मिलता है.
5. गुरु : ज्ञान और समृद्धि
- गुरु कमजोर होने से जीवन में बाधाएं आती हैं.
- व्रत के दौरान पीली वस्तुएं (चना दाल, हल्दी) अर्पित करने से गुरु ग्रह की कृपा मिलती है.
6. शुक्र : सुख और वैवाहिक जीवन
- शुक्र ग्रह कमजोर होने से वैवाहिक और आर्थिक समस्याएं होती हैं.
- सफेद फूल और मिश्री का भोग लगाने से शुक्र मजबूत होता है.
7. शनि : कर्म और न्याय
- शनि की दशा कठिनाइयाँ ला सकती है.
- व्रत के साथ काले तिल और सरसों के तेल का दान करने से शनि शांत होते हैं.
8. राहु : भ्रम और नकारात्मकता
- राहु से मानसिक भ्रम और अस्थिरता बढ़ सकती है.
- नवरात्रि में नारियल और नीले फूल चढ़ाने से राहु का प्रभाव कम होता है.
9. केतु : आध्यात्मिकता और संयम
- कमजोर केतु जीवन में अस्थिरता लाता है.
- व्रत के दौरान तुलसी और धूप-दीप का प्रयोग करने से केतु शांत होता है.
नवरात्रि का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ग्रहों को संतुलित करने का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय उपाय भी है. सही विधि से व्रत करने और विशेष उपाय अपनाने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. इस नवरात्रि, व्रत का संकल्प लेकर अपने ग्रहों को अनुकूल बनाएं और सुख-समृद्धि प्राप्त करें.
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