Karwa Chauth Shubh Yoag: करवा चौथ का व्रत कल यानी 1 नवंबर को रखा जाएगा. यह व्रत पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा की पूजा करने और उन्हें अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोलती हैं. कहीं-कहीं अविवाहिता लड़कियां भी अच्छे वर की कामना में इस व्रत को करती हैं. इस बार करवा चौथ पर 100 साल बाद महासंयोग बन रहा है. वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाने के लिए इस संयोग का लाभ उठा सकते हैं.
करवा चौथ पर बन रहा है महासंयोग
इस बार करवा चौथ पर कई सालों बाद एक महासंयोग बनने जा रहा है. जिसका विशेष लाभ मिलने वाला है. 100 साल के बाद तुला में मंगल और बुध के एक साथ विराजमान होने की वजह से बुध आदित्य योग बन रहा है. इतना ही नहीं इस दिन शिव योग, परिघ योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है. 1 नवंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06:33 बजे से शुरू हो रहा है, जो अगले दिन सुबह 04:36 बजे तक रहेगा. यह योग बहुत शुभ माना जाता हैं. मान्यता है कि इस योग में किए गए सारे कार्य सफल होते हैं.
करवा चौथ के दिन प्रात:काल से दोपहर 02 बजकर 07 मिनट तक परिघ योग रहेगा और फिर उसके बाद से शिव योग प्रारंभ हो जाएगा. इस दिन मृगशिरा नक्षत्र भी रहने की वजह से यह दिन बहुत खास बन गया है. इन शुभ योग में की गई पूजा-अर्चना बहुत फलदायी साबित होती है. इस दिन किए गए पूजा-पाठ से वैवाहिक जीवन खुशहाल बना रहेगा.
करवा चौथ के दिन करें ये काम
करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाओं को भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए और उन्हें गुड़ चढ़ाना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच का रिश्ता मजबूत होता है और रिश्तों की मिठास बनी रहती है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा के सिद्धिविनायक मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर होती हैं.
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उनकी सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं. इस दिन महिलाएं निर्जला रहकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. कुछ जगहों पर कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित वर पाने के लिए इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं. इस दिन पूरे विधि-विधान से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की आराधना करने के बाद करवा चौथ की कथा सुनी जाती है. माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से सुहाग की रक्षा होती है और सौभाग्य का वरदान मिलता है.
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