Navratri 2022: नवरात्रि में इन देवी की पूजा से दूर होता है ये ग्रह दोष, जानें 9 देवियों का 9 ग्रहों पर क्या होता है असर
Navratri 2022: नवरात्रि में देवी मां के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसे 9 ग्रहों के दोष ख़त्म होते हैं. आइये जानें किस देवी की पूजा से किस ग्रह के दोष खत्म होते हैं.

Shardiya Navratri 2022 Maa Durga Puja Graha Dosh Upay: हिंदू धर्म में नवरात्रि का पावन पर्व शक्ति की साधना के लिए अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना गया है. नवरात्रि में माता रानी के 9 स्वरूपों की पूजा से 9 ग्रहों के दोष खत्म हो जाते हैं. आइये जानें किस देवी की पूजा से किस ग्रह के दोष शांत होते हैं.
नवरात्रि में किस देवी की पूजा का किस ग्रह का क्या होता है असर?
- नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा: नवरात्रि में प्रथम दिन यानी प्रतिपदा को मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. यदि किसी की कुंडली में सूर्य देव की स्थिति कमजोर होती है, तो उसे अनेक प्रकार के शारीरिक कष्ट होते हैं. मां शैलपुत्री की पूजा करने से सूर्य मजबूत स्थिति में होते हैं.
- नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा: मां ब्रह्मचारिणी का संबंध राहु से है. यदि आपकी कुंडली में राहु की स्थिति कमजोर है, तो इनसे होने वाले दोषों को दूर करने के लिए मां ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए.
- नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा: यदि कुंडली में केतु का अशुभ प्रभाव, कष्टों का बड़ा कारण बन रहा है, तो आपको मां दुर्गा के मां चंद्रघंटा स्वरूप की विशेष रूप से साधना और पूजा अर्चना करनी चाहिए.
- नवरात्रि के 4वें दिन देवी कूष्मांडा की पूजा: देवी कूष्मांडा का संबंध चंद्र ग्रह से होता है. चंद्र दोष को दूर करने के लिए देवी माता कूष्मांडा की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए.
- नवरात्रि के 5वें दिन देवी स्कंदमाता की पूजा: जिन लोगों की कुंडली में मंगल अमंगल कर रहें हैं. उन्हें मंगल के दोषों से मुक्ति के लिए देवी स्कंदमाता की पूजा करना चाहिए. मान्यता है कि मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा करने से मंगल शुभ फल प्रदान करते हैं.
- नवरात्रि के 6वें दिन देवी कात्यायनी की पूजा: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में बुध ग्रह के अशुभ रहने से व्यक्ति को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन परेशानियों से मुक्ति के लिए नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए.
- नवरात्रि के 7वें दिन देवी कालरात्रि की पूजा: कर्मफलदाता एवं न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव जिनकी कुंडली में अशुभ अवस्था में होते हैं. उन्हें शनि की बुरी नजर का सामना करना पड़ता है. शनि से जुड़े सभी दोषों को दूर करने के लिए देवी कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा एवं उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए.
- नवरात्रि के 8वें दिन मां महागौरी की पूजा: मां महागौरी का संबंध देवगुरु बृहस्पति से है. कुंडली में यदि गुरु नीच है तो जातक को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में गुरु से जुड़े दोष को दूर करने के लिए मां महागौरी की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए.
- नवरात्रि के 9वें दिन मां महागौरी की पूजा: ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, वैभव, विलासिता और समृद्धि दिलाने वाला कारक ग्रह कहा जाता है. शुक्र ग्रह से जुड़े दोष को दूर करने और शुभ फल प्राप्ति के लिए मां सिद्धिदात्री की विशेष पूजा अर्चना करनी चाहिए.
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