Prediction 2025: ज्योतिष में पिशाच योग को एक खतरनाक अशुभ योग के तौर पर बताया गया है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जब शनि और राहु ग्रह एक ही घर में होते हैं, तब पिशाच योग बनता है. इसके अलावा, कुछ और स्थितियों में भी पिशाच योग बनता है. जैसे, जब किसी व्यक्ति की कुंडली के पहले भाव में राहु और चंद्रमा, पांचवें भाव में शनि, और नवम भाव में मंगल स्थित हों. इसके साथ ही इन स्थितियों में भी पिशाच योग बनता है-
- जब चंद्रमा पर राहु और शनि की दृष्टि हो.
- मंगल, राहु और शनि की युति एक साथ हो.
- चंद्रमा, केतु और शनि एक ही स्थान पर हों.
- कुंडली में राहु और केतु का संबंध दूसरे या चौथे भाव से हो जाए.
इस वर्ष 29 मार्च 2025 से यह योग बनने जा रहा है. राहु, शनि और सूर्य के विशेष संयोग से यह योग प्रभावी होगा, जो मीन राशि में बनने जा रहा है. इस योग का प्रभाव करीब 50 दिनों तक रहेगा. देखने में आया है कि जब जब इस तरह की स्थिति बनी है पूर्व में देश-दुनिया में कुछ बड़ी घटनाएं देखने को मिली हैं. इस योग के दौरान में पूर्व में जो बड़ी घटनाएं हुई हैं, उन्हें भी जान लेते हैं-
इतिहास में पिशाच योग और इसके प्रभाव
1. 1930-1931 (महामंदी और विश्व युद्ध के संकेत)
- पिशाच योग के दौरान आर्थिक मंदी चरम पर थी.
- शेयर बाजार ध्वस्त हुआ, जिससे वैश्विक आर्थिक संकट पैदा हुआ.
- युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता की शुरुआत हुई, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध का आधार तैयार किया.
2. 1986-1987 (वैश्विक आर्थिक संकट और आतंकवादी घटनाएं)
- दुनिया के कई शेयर बाजारों में तेज़ गिरावट देखी गई.
- राजनीतिक विद्रोह और अस्थिरता का दौर शुरू हुआ.
- चेरनोबिल परमाणु दुर्घटना (26 अप्रैल 1986) इसी दौरान हुई, जब पिशाच योग मीन राशि में था.
- इस समय राहु और शनि की युति के साथ मंगल वक्री था, जिससे परमाणु आपदा घटी.
3. 2008-2009 (वैश्विक आर्थिक संकट और राजनीतिक बदलाव)
- अमेरिका में सबप्राइम क्राइसिस हुआ, जिससे वैश्विक मंदी आई.
- कई सरकारों का पतन हुआ और आर्थिक नीतियों में बदलाव हुए.
- बेरोजगारी, महंगाई और अस्थिरता में वृद्धि हुई.
2025 में संभावित वैश्विक प्रभाव
शेयर बाजार और बैंकिंग संकट
- राहु और शनि की युति से वैश्विक वित्तीय संस्थानों पर दबाव बढ़ेगा.
- अमेरिका, यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ेगी.
युद्ध और विद्रोह की संभावना
- रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ सकता है.
- एशियाई देशों में राजनीतिक अस्थिरता आ सकती है.
मुद्रास्फीति और खाद्य संकट
- खाद्यान्न और ऊर्जा स्रोतों की कीमतों में भारी वृद्धि होगी.
- वैश्विक स्तर पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा.
जलवायु और प्राकृतिक आपदाएं
- भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है.
- ग्लोबल वॉर्मिंग से जलवायु परिवर्तन और अधिक चरम पर जा सकता है. समुद्र में कुछ बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है. क्योंकि मीन राशि एक जल तत्व की राशि है.
ग्रहों की स्थिति और पिशाच योग की अवधि
पिशाच योग की अवधि: 29 मार्च 2025 - 18 मई 2025 तक रहेगी, इस दौरन ये सबसे अधिक प्रभावी रहेगा. पिशाच योग का किस तरह का प्रभाव देखने को मिल सकता है, जानते हैं-
वैश्विक आर्थिक प्रभाव
- शेयर बाजार में भारी गिरावट के संकेत
- राहु और शनि की युति अस्थिरता और अनिश्चितता को जन्म देगी.
- निवेशकों को भारी नुकसान हो सकता है.
- डॉलर, यूरो, और भारतीय रुपये में अस्थिरता बढ़ सकती है.
तेल और ऊर्जा संकट
- शनि-राहु के संयोग से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि होगी.
- रूस, मध्य पूर्व और अमेरिका में ऊर्जा संकट बढ़ सकता है.
मुद्रास्फीति (Inflation) में वृद्धि
- खाद्य पदार्थों, धातुओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं.
- आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा.
टेक्नोलॉजी और आईटी सेक्टर पर असर
- राहु का प्रभाव डिजिटल डेटा में हैकिंग और साइबर क्राइम बढ़ा सकता है.
- बड़ी टेक कंपनियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा.
बैंकिंग और वित्तीय संकट
- बैंकों में घोटाले, धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं का जोखिम बढ़ सकता है.
- क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल पेमेंट सेक्टर में उतार-चढ़ाव रहेगा.
पिशाच योग का प्रभाव 12 राशियों पर भी देखने को मिलेगा. ज्योतिष के अनुसार जब ग्रहों की चाल से कोई शुभ-अशुभ योग बनता है तो उसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ राशियों पर भी पड़ता है. 29 मार्च से बनने वाले इस योग का आपकी राशि पर क्या असर होगा, जानते हैं-
- मेष- निवेश में नुकसान, करियर में बदलाव
- वृषभ- व्यापार में अस्थिरता, संपत्ति विवाद
- मिथुन- विदेशी संबंधों में कठिनाई, स्वास्थ्य समस्याएं
- कर्क- पारिवारिक तनाव, करियर में चुनौती
- सिंह- धन हानि, सरकार से जुड़े कार्यों में बाधा
- कन्या- मानसिक तनाव, रिश्तों में दरार
- तुला- भाग्य में उतार-चढ़ाव, धन हानि
- वृश्चिक- अचानक धन लाभ, लेकिन स्वास्थ्य चिंता
- धनु- लंबी यात्रा के योग, कानूनी विवाद
- मकर- सरकारी लाभ, लेकिन शत्रु पक्ष मजबूत
- कुंभ- करियर में बदलाव, विदेश में सफलता
- मीन- खर्च बढ़ेगा, लेकिन आर्थिक लाभ भी होगा
वेद, पुराण और ज्योतिष ग्रंथ, पिशाच योग पर क्या कहते हैं?
1- बृहद संहिता (वराहमिहिर)
"राहुयुक्ते शनि भौमे, दोषं कुर्याद भयं महत्. अर्थनाशं जनयेत्, राष्ट्रे च व्याधि संकटम्.."
(राहु, शनि और मंगल का संयोग बड़ा आर्थिक संकट और महामारी ला सकता है.)
2- महाभारत और भविष्य पुराण
"यदा राहुः शनैश्च संयोगं लभते, तदा भूमौ महा संकटं भवति.."
(जब राहु और शनि संयोग करते हैं, तब पृथ्वी पर बड़ी उथल-पुथल होती है.)
समाधान और उपाय
- राहु-शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र जप करें.
- काले तिल और सरसों के तेल का दान करें.
- राहु और शनि से संबंधित ग्रहों की शांति के लिए नीलम और गोमेद रत्न धारण करें.
- शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
2025 का पिशाच योग वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकट, व्यापारिक मंदी, युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दे सकता है. खासकर तेल, वित्तीय, बैंकिंग और कृषि क्षेत्रों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा. ऐसे में सतर्क रहने और उचित ज्योतिषीय उपाय से पिशाच योग के अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है.
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