Mesh Rashi: मेष राशि में मंगल ग्रह का गोचर चल रहा है. लेकिन 10 सितंबर 2020 यानि कुछ ही घंटों में मंगल अपनी चाल बदलने जा रहे हैं. मंगल अभी मार्गी थे. यानि सीधी चाल में चल रहे थे, लेकिन अब मंगल उल्टी चाल चलेंगे. मंगल की इस अवस्था को वक्री कहते हैं. मंगल 4 अक्टूबर 2020 तक वक्री रहेंगे.


वक्री मंगल का फल
मेष राशि में व्रकी मंगल शुभ परिणामों में कमी लाएगा. ज्योतिष शास्त्र में मंगल को सेनापति माना गया है. मंगल साहस का कारक है. मंगल व्यक्ति को साहसी बनाता है. जिन लोगों की जन्म कुंडली में मंगल शुभ और बलशाली होता है ऐसे लोग निडर होते हैं. ऐसे लोगों को किसी भी कार्य से भय नहीं लगता है. मंगल प्रधान व्यक्ति सेना और पुलिस में उच्च पद प्राप्त करते हैं. कोई भी ग्रह वक्री होता है तो वह पीड़ित माना जाता है. इस कारण उसके प्रभाव में कमी आती है. वक्री अवस्था में ग्रह शुभ फल प्रदान नहीं करता है.


मेष राशिफल
मंगल के वक्री होने से मेष राशि वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मंगल साहस में कमी ला सकते हैं. जिस कारण आत्मविश्वास में कमी आ सकती है. निर्णय लेने में दिक्कत आएगी. शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और हानि पहुंचाने की कोशिश भी कर सकते हैं, इसलिए सावधान रहने की जरुरत है. इस दौरान मेष राशि के जातकों को धोखा भी मिल सकता है. चोट भी लग सकती है.


धन की स्थिति
व्रकी मंगल मेष राशि वालों को धन लाभ से भी वंचित कर सकता है. इस अवस्था में विवादों से बचने की जरुरत है. दूसरे लोग विवाद के लिए प्रेरित कर सकते हैं लेकिन ऐसी स्थिति से बचें.


इन कामों से बचें
मेष राशि वाले इस दौरान क्रोध न करें. क्रोध करने से नुकसान उठाना पड़ सकता है. वाणी की मधुरता बनाएं रखें. इस समय धैर्य से काम लेने की जरुरत है. वहीं किसी भी कार्य को जल्दी में न करें. मंगल की अशुभता को दूर करने के लिए हनुमान जी की पूजा करें.


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