Vastu shastra Tips: उधार में ना ले ये चीज़ें वरना लाइफ होगी अस्त-व्यस्त
कई बार किसी को कुछ चीज़ें देनी पड़ती हैं तो कई बार दूसरों से चीज़ों की ज़रुरत होती है. लेकिन वास्तु शास्त्र में उन चीजों का ज़िक्र खासतौर से किया गया है जो ना तो किसी को देनी चाहिए और ना ही किसी से लेनी चाहिए. अगर इन बातों को नज़रअंदाज़ कर इन पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो इसका सीधा असर व्यक्ति के जीवन पर होता है.

हम एक सामाजिक जीवन जीते हैं जिसमें एक दूसरे की मदद, एक दूसरे का सहारा जरूरी होता है. कई बार किसी को कुछ चीज़ें देनी पड़ती हैं तो कई बार दूसरों से चीज़ों की ज़रुरत होती है. लेकिन वास्तु शास्त्र में उन चीजों का ज़िक्र खासतौर से किया गया है जो ना तो किसी को देनी चाहिए और ना ही किसी से लेनी चाहिए. अगर इन बातों को नज़रअंदाज़ कर इन पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो इसका सीधा असर व्यक्ति के जीवन पर होता है. तो चलिए बताते हैं आपको उन्हीं खास चीज़ों के बारे में जो आपको भूलकर भी किसी से उधार नहीं लेनी चाहिए.
कपड़े
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि कभी भी दूसरों से कपड़े उधार मांगकर नहीं पहनने चाहिए. और ना ही किसी को अपने कपड़े देने चाहिए. क्योंकि इससे नेगेटिव एनर्जी हमारे अंदर आती है. खासतौर से अगर किसी शुभ कार्य के लिए बाहर जा रहे हैं तो किसी से कपड़े मांगकर ना पहनें. क्योकि माना जाता है कि इससे मानसिक तनाव भी बढ़ता है और बनने वाला काम भी बिगड़ जाता है.
शंख
माना जाता है कि अपना शंख ना तो किसी को देना चाहिए और ना ही किसी से लेना चाहिए.क्योंकि शंख को मा लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और जब हम किसी का शंख लेते हैं या देते हैं तो अपने जीवन का वैभव भी उसे दे देते हैं. इसीलिए किसी भी स्थिति में शंख किसी को मा दें. वहीं अगर कभी किसी वजह से देना भी पड़ जाए तो वापस आने पर उसे गंगाजल से अवश्य धोएं.
कलम
कोशिश करें कि कभी किसी से कलम उधार ना मांगे. और अगर उधार मांगने की ज़रुरत पड़े भी तो काम होते ही फौरन उसे लौटा दें. कहते हैं ऐसा ना करने से कई तरह की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
घड़ी
कहते हैं कि किसी से घड़ी भी उधार नहीं मांगनी चाहिए. कहते हैं कि किसी की घड़ी अपने उधार मांगने से उस व्यक्ति की ऊर्जा भी हमारे पास आ जाती है. फिर वो ऊर्जा नकारात्मक ही क्यों ना हो.
रुमाल
अगर किसी से रुमाल उधार मांगा जाए तो उन व्यक्तियों के बीच तनाव व लड़ाई हो सकती है साथ ही भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है.
Source: IOCL














