Diesel Engine Cars Ban: डीजल कार खरीदने वालों के लिए बुरी खबर, 2027 तक बैन हो सकती हैं ये गाड़ियां?
डीजल गाड़ियों को पूरी तरह से बैन किया जाना कोई धोखा नहीं है. मारुति सुजुकी 2020 में खुद ही बंद कर चुकी है.
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Diesel Engine Cars: हाल ही में एक रिपोर्ट आयी है, जिसके मुताबिक 2027 तक भारत में डीजल से चलने वाली फोर व्हीलर पर पूरी तरह बैन लगाने की बात कही गयी है. जिसके चलते डीजल गाड़ियों को खरीदने वाले और बनाने वाले दोनों ही परेशान हो गए हैं. इनमें खासतौर पर टोयोटा फॉर्च्यूनर और महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन जैसी बड़ी एसयूवी बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गठित एक पैनल ने 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में 2027 तक डीजल से चलने वाली चार-पहिया गाड़ियों को बैन करने साथ ही इलेक्ट्रिक और गैस से चलने वाली गाड़ियों में बदलाव की भी सिफारिश की है.
पूर्व पेट्रोलियम सचिव तरुण कपूर की अध्यक्षता वाली ऊर्जा संक्रमण सलाहकार समिति (ईटीएसी) ने भी सिफारिश की है, कि 2030 तक शहरों में ट्रांसपोर्ट के लिए मेट्रो, ट्रेनों और इलेक्ट्रिक बसों के मिश्रण को बढ़ावा देना चाहिए.
इस फैसले के चलते कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं थीं, जिसकी वजह से पेट्रोलियम मंत्रालय ने मामले को स्पष्ट करने के लिए ट्वीट कर जानकारी दी. यह प्रपोजल कॉर्बन उत्सर्जन पर कंट्रोल करने के लिए सरकार द्वारा गठित एक पैनल के द्वारा सरकार के सामने रखा गया है. जोकि बेहतर भविष्य के लिए है. इस पर अभी चर्चा चल रही है, इसे अभी तक एक्सेप्ट नहीं किया गया है. इसके साथ ही लिखा है "भारत 2070 तक नेट जीरो के लिए प्रतिबद्ध है." ईटीएसी ने आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए, कम कार्बन वाली ऊर्जा में बदलाव के लिए काफी बड़े और भविष्य को देखते हुए सिफारिशें की हैं.
आज की तारीख में भी सरकार कानूनी तौर पर देश में डीजल से चलने वाली फोर व्हीलर को बनाने और बेचने दे रही है और खरीदारों को कानूनी रूप से इन्हें खरीदने और प्रयोग करने की भी इजाजत है. इसके अलावा सरकार इन डीजल गाड़ियों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन से भी पैसा इकठ्ठा कर रही है.
हालांकि डीजल गाड़ियों को पूरी तरह से बैन किया जाना कोई धोखा नहीं है. लेकिन अभी भी इनमें कुछ जीवन बाकी है. हालांकि आखिरकार बंद कर दिया जाएगा, कम से कम छोटी कारों को तो बिलकुल. जैसा कि मारुति सुजुकी 2020 में खुद ही कर चुकी है. लेकिन 2027 तक पूरी तरह बैन करने संभावना काफी कम है. ये एक बड़ा कदम है, जिसे एकदम से लागू नहीं किया जा सकता. इससे कई तरह की मुश्किलें खड़ी हो सकती है. इससे हाल-फिलहाल खरीदारों के साथ-साथ इंडस्ट्री को भी राहत मिलेगी. लेकिन हमें भविष्य में ऐसे बड़े बदलावों के लिए तैयार रहना ही होगा.
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