Reciprocal Tariff: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 14 फरवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की. इस दौरान दोनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी शामिल हुए. इस बीच, रेसिप्रोकल टैरिफ का मुद्दा खूब चर्चा में रहा जिसका जिक्र ट्रंप ने किया. बता दें कि 13 फरवरी को ट्रंप ने एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ के लिए प्लान बनाने का आदेश दिया. इतना ही नहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका एक रेसिप्रोकल नेशन है और जो हम पर टैरिफ लगाएगा, हम भी उस पर टैरिफ लगाएंगे. ट्रंप ने इस दौरान भारत को सबसे ज्यादा टैरिफ वाला देश भी बताया. 

रेसिप्रोकल टैरिफ क्या होता है?

किसी देश से आयात किए जाने वाले उत्पादों पर लगाया जाने वाले कर को टैरिफ कहते हैं. इसका भुगतान आयात कराने वाली कंपनी अपने देश की सरकार को करती है और रेसिप्रोकल टैरिफ का मतलब है कि अगर कोई देश अपने यहां आयात किए जा रहे सामानों पर 10 परसेंट टैरिफ लगाता है, तो दूसरा देश भी उससे मंगाए गए उत्पादों पर उतना ही टैरिफ लगाएगा. 

ट्रंप की धमकी से बढ़ी भारतीय एक्सपोर्टस की चिंता

ट्रंप के इस बात से अब भारतीय एक्सपोर्ट्स चिंता में हैं. सिटी रिसर्च के एनालिस्ट्स के हवाले से रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी भारत पर भारी पड़ सकती है. भारत को इससे सालाना करीब 7 अरब डॉलर का नुकसान तक हो सकता है. भारत इस वक्त टैरिफ को कम करने के साथ ही अमेरिका के साथ ट्रेडिंग बढ़ाने की एक डील पर भी काम कर रहा है. 

रेसिप्रोकल टैरिफ का इन असर इन पर सबसे ज्यादा

सिटी रिसर्च के एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका अगर भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाता है, तो इससे भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर, मेटल प्रोडक्ट्स, केमिकल, फार्मास्यूटिकल्स, ज्वेलरी और फूड प्रोडक्ट्स सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है.

वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार  119.71 अरब डॉलर था. इसमें 77.51 अरब डॉलर का भारत ने एक्सपोर्ट किया, जबकि 42.19 अरब डॉलर का अमेरिका से इम्पोर्ट किया. साल 2023 में भारत ने अमेरिका से आयात होने वाले सामानों पर करीब 11 परसेंट तक का टैरिफ वसूला, जो भारतीय सामानों पर अमेरिका के वसूले गए टैरिफ से 8.2 परसेंट अधिक है. अब रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की नौबत आ गई, तो भारत के कई सेक्टर्स को इससे तगड़ा झटका लगेगा. 

 

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