स्मॉल सेविंग्स स्कीमों में अभी भी है फायदा, पैसा लगाया है तो बने रहिए
छोटी बचत योजनाओं में पूंजी सुरक्षित रहती है. निवेशकों के लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल के लिए इन छोटी योजनाओं का काफी महत्व है
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आरबीआई की ओर से रेपो रेट में लगातार कटौती के बाद बैंकों ने भी अपनी ब्याज दरें घटाने की शुरुआत कर दी है. सस्ता कर्ज देने की बाध्यता की वजह से बैंक अपनी डिपोजिट स्कीमों की ब्याज दरें घटाने लगे हैं. इसका सबसे ज्यादा असर छोटी बचत योजनाओं पर पड़ी हैं. अब सीनियर सिटिजन स्कीम, पीपीएफ, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी एनएससी या पोस्ट ऑफिस की मंथली बचत स्कीमों की ब्याज दरें घट गई हैं. अब सवाल ये है कि क्या ऐसी बचत स्कीमों में निवेश बंद कर दिया जाए या इसे जारी रखा जाए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई की ओर से रेपो रेट में कटौती की वजह से बैंकों के पास अपना लोन सस्ता करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था. अब जबकि उन्हें ग्राहकों से लोन पर कम ब्याज मिलेगा तो वो अपने यहां डिपोजिट करने वाले या छोटी बचत योजनाओं के ग्राहकों को ज्यादा ब्याज कैसे दे सकते हैं.
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें अब भी आकर्षक
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर बैंकों की ओर से 8.6 फीसदी ब्याज मिल रहा था. वह अब घट कर 7.9 फीसदी हो गया है. पीपीएफ को सबसे आकर्षक स्मॉल सेविंग स्कीम माना जाता था, लेकिन इसकी ब्याज दर घटा कर 7.1 फीसदी कर दी गई है. सबसे ज्यादा कटौती एक से तीन साल के टर्म डिपोजिट पर की गई है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही इन सेविंग स्कीमों की ब्याज दरें कम कर दी गई हैं, लेकिन इसमें निवेश न छोड़ें. इनमें से कइयों में अभी भी बाजार के दूसरे सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स की तुलना में आकर्षक ब्याज मिल रहा है.पीपीएफ, एनएससी, डाकघर सावधि जमा और दूसरी छोटी बचत योजनाएं गारंटेड रिटर्न देती हैं. इसमें पूंजी सुरक्षित रहती है. अपने लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल के लिए इन छोटी योजनाओं का काफी महत्व है
जोखिम से मुक्त हैं छोटी बचत योजनाएं
दरअसल यह मंदी का दौर है. भारत समेत दुनिया की अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मची है. ऐसे में भले ही ब्याज कम हो गया हो लेकिन इन छोटी योजनाओं को निवेश के पैमाने पर कम करके नहीं आंकना चाहिए. भले ही निवेशक पैसा लगाने के लिए अलग-अलग योजनाएं चुन सकते हैं. लेकिन उन्हें इसका आकलन भी करना चाहिए कि टैक्स कटने के बाद छोटी बचत योजनाओं से कितना रिटर्न मिल रहा है.आप देखेंगे कि दूसरी निवेश योजनाओं के जोखिम और रिटर्न की तुलना में इन योजनाओं में निवेश ज्यादा आकर्षक है.
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