Budget 2025: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए आम बजट पेश करेंगी. हालांकि, इससे पहले भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (ICAI) ने विवाहित जोड़ों को ज्वॉइंट टैक्सेशन यानी कि संयुक्त रूप से आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सुझाव दिया है. ICAI का कहना है कि टैक्सेशन के मामले में इन्हें एक यूनिट के तौर पर देखा जाना चाहिए.
क्या शादीशुदा जोड़े साथ में दाखिल कर सकेंगे ITR ?
अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में पहले से ही यह सिस्टम लागू है. इसके तहत शादीशुदा जोड़े अपनी आय को जोड़कर ITR दाखिल कर सकेंगे. इससे एक तो परिवारों पर टैक्स का बोझ भी कम होगा और टैक्स चोरी भी रूकेगी. ICAI का कहना है कि टैक्स फाइलिंग के लिए मैरिड कपल्स व्यक्तिगत या जॉइंट टैक्सेशन का ऑप्शन चुन सकेंगे. इसका फायदा उन परिवारों को मिलेगा, जहां एक ही व्यक्ति कमाने वाला है और अगर पति-पत्नी दोनों कमाते हैं, तो उन्हें भी इस सिस्टम से फायदा होगा इससे उनकी कर देयता कम हो जाएगी.
ज्वॉइंट टैक्सेशन में मिलेगा इसका फायदा
ज्वॉइंट टैक्सेशन में पति-पत्नी एक ही आयकर रिटर्न दाखिल करते हुए इनकम और डिडक्शन की जानकारी देते हैं. इसमें उन्हें अलग-अलग ITR फाइलिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी. ज्वॉइंट टैक्सेशन में जब दोनों मिलकर इनकम टैक्स रिटर्न भरेंगे, तो टैक्सेबल अमाउंट दोनों की आय को जोड़कर उसके आधार पर तय किया जाएगा.
सिंगल इनकम वाले व्यक्ति पर टैक्स का बोझ
मौजूदा समय में पति-पत्नी अलग-अलग ITR फाइल करते हैं. ऐसे में जब एक की आय दूसरे से अधिक होती है, तो टैक्स अधिक चुकाना पड़ता है. जब पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं, तो ये अलग-अलग टैक्स स्लैब में कटौती का लाभ उठा सकते हैं, लेकिन सिंगल इनकम वाला व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा पाता है और उस पर टैक्स का बोझ अधिक पड़ जाता है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट चिराग चौहान ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर लिखा है, ICAI ने विवाहित जोड़ों के लिए ज्वॉइंट टैक्सेशन का सुझाव दिया है. सही मायने में 7 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई टैक्स नहीं लगना चाहिए. अगर कोई शादीशुदा है, तो परिवार के लिए छूट की लिमिट 14 लाख रुपये तक होनी चाहिए. क्या बजट 2025 में इस नए कॉन्सेप्ट को पेश किया जाएगा ?
ये भी पढ़ें:
