नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 वें वित्त आयोग की संदर्भ शर्तों (टर्म ऑफ रेफरेंस) को लेकर कुछ दक्षिणी राज्यों द्वारा लगाये जा रहे आरोपों को खारिज कर दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 वें वित्त आयोग की संदर्भ शर्तें कुछ राज्यों अथवा एक खास क्षेत्र को राजकीय आवंटन में नुकसान नहीं पहुंचाएंगी. ऐसे आरोपों का जिक्र करते हुए पीएम ने इसे आधारहीन बताया.


आज पीएमओ ने ट्वीट के जरिए भी कहा कि केंद्र सरकार ने वास्तव में वित्त आयोग को जनसंख्या नियंत्रण पर काम कर रहे राज्यों को प्रोत्साहन देने पर विचार करने का सुझाव दिया है. मोदी ने कहा कि इस पहल से तमिलनाडु जैसे राज्य जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के लिए ऊर्जा और संसाधन समेत काफी प्रयास किये हैं, निश्चित तौर पर लाभान्वित होंगे.



क्या है मामला
दरअसल वित्त आयोग को ऐसे राज्यों के लिए कुछ खास प्रोत्साहन दिए जाने के निर्देश हैं जिन राज्यों ने अपने यहां जनसंख्या नियंत्रण को लेकर खास उपाय और प्रयास किए हैं. लिहाजा तमिलनाडु जैसे राज्य जिन्होंने अपने यहां जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए बड़े प्रयास, ऊर्जा और संसाधन लगाए हैं उन्हें निश्चित तौर पर फायदा होगा. इसी कारण से कुछ दक्षिणी राज्य ये आरोप लगा रहे हैं कि उनके साथ राजकीय आवंटन में भेदभाव हो सकता है.


पीएम मोदी ने कैंसर संस्थान के हीरक जयंती भवन का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘मैं आपको बताता हूं, हमारे आलोचकों से कुछ तो छूट गया है. केंद्र सरकार ने वित्त आयोग को सुझाव दिया है कि जनसंख्या नियंत्रण पर काम करने वाले राज्यों को प्रोत्साहन देने पर विचार किया जाए. मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि ऐसा पहले नहीं होता था.’


मोदी ने कहा कि ये आरोप निहित स्वार्थों से प्रेरित हैं. केंद्र सरकार सहकारी संघवाद को प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा , ‘हमारा मंत्र सबका साथ-सबका विकास है, आइये हम सब मिलकर नया भारत बनाने के लिए काम करें जिससे हमारे स्वतंत्रता सेनानी भी गौरवान्वित होंगे.’ उन्होंने लोगों को तमिल नव वर्ष की शुभकामनाएं भी दी. तमिल नव वर्ष 14 अप्रैल को है.