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प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजनाः पति-पत्नी दोनों की मौत होने के बाद नहीं मिलेगा आश्रितों को पैसा

'प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना' के तहत अगर सब्स्क्राइबर्स में से पति-पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रितों यानी बच्चों को इस स्कीम का पैसा नहीं मिलेगा बल्कि इसका पैसा सरकार के पास वापस चला जाएगा.

नई दिल्लीः सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है जिसके तहत असंगठित सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है. सरकार की नई पेंशन स्कीम 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना' के तहत अगर सब्स्क्राइबर्स में से पति-पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रितों यानी बच्चों को इस स्कीम का पैसा नहीं मिलेगा बल्कि इसका पैसा सरकार के पास वापस चला जाएगा.

पेंशन स्कीमों के तहत माता-पिता की मृत्यु हो जाने की सूरत में आश्रितों या अविवाहित बच्चों को पेंशन स्कीम के तहत भुगतान मिलता है. हालांकि फरवरी में अंतरिम बजट में घोषित हुई प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना के तहत जो नोटिफिकेशन जारी किया है उसमें कहा गया है कि सब्स्क्राइबर और उसके पति या पत्नी की मौत होने की सूरत में पेंशन फंड का जमा कोष फंड के पास वापस चला जाएगा.

अर्थशास्त्री के मुताबिक सरकार को नहीं लेना चाहिए फंड का पैसा एक अर्थशास्त्री के मुताबिक सहायक पेंशन स्कीमों के तहत सब्सक्राइबर्स के पति या पत्नी की मौत होने की सूरत में उनके आश्रितों को उनके पेंशन फंड का पैसा मिलता है. सब्सक्राइबर्स पेंशन फंड में पैसा अपने खर्चों में से कटौती करके जमा करता है और सरकार को माता-पिता दोनों की मौत होने की सूरत में उनके फंड का पैसा नहीं लेना चाहिए.

अलग-अलग आयु के सबस्क्राइबर्स का अलग-अलग प्रीमियम स्कीम के सब्सक्राइबर्स को 60 साल की आयु का होने के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन देने का वादा किया गया है. हालांकि अंतरिम बजट में इसके लिए कहा गया है कि 18 से 29 वर्ष के लोग जो 15,000 रुपये सालाना से कम कमा रहे हैं, वो इस योजना के लिए योग्य होंगे. इसके तहत कट-ऑफ आयु 40 साल रखी गई है. उम्र के मुताबिक पेंशन योजना में मासिक योगदान बढ़ जाएगा. जैसे कि 18 साल की आयु वालों को 55 रुपये हर महीने देने होंगे और 29 साल की आयु वालों को 100 रुपये महीना देना होगा. वहीं 40 साल की आयु वालों को 200 रुपये महीना तक देने होंगे. 60 साल की आयु होने तक सब्सक्राइबर्स को ये पैसे देने होंगे.

ये स्कीम घरों में काम करने वाले वर्कर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, मिडडे मील कर्मचारी, मोची, कचरा बीनने वाले, रिक्शाचालक और अन्य लोगों के साथ निर्माण कार्यों में लगे हुए मजदूरों के लिएलाई गई है. इस योजना का नोटिफिकेशन 7 फरवरी को जारी किया गया था और 15 फरवरी से ये योजना चालू हो चुकी है.

ट्रेड यूनियन कर रही हैं विरोध ट्रेड यूनियन लीडर्स के मुतबिक सरकार के पास पैसा वापस जाने की शर्त के चलते ये और पेंशन स्कीमों से अलग हो जाएगी क्योंकि अन्य पेंशन स्कीमों में आश्रितों के तहत परिवार क कई सदस्य आते हैं लेकिन सरकार के जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक परिवार में सिर्फ कर्मचारी और उसके पति या पत्नी को शामिल किया गया है जो कि गलत है. उस स्कीम का फायदा लोगों को कैसे मिल पाएगा जब कर्मचारी के आश्रितों को उसका फायदा ही नहीं मिल पाएगा. माता-पिता दोनों की मौत होने की सूरत में बच्चों को अगर इसका पैसा नहीं मिला तो उनकी आर्थिक जरूरतों को कौन पूरा करेगा.

स्कीम एक भद्दा मजाक-सीटू कई नेताओं ने इस स्कीम को एक भद्दा मजाक बताया है और सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन) के नेता एके पद्मनाभन ने कहा है कि अगर माता-पिता की मृत्यु हो जाती है तो नाबालिग बच्चों को एंप्लाई पेंशन फंड (ईपीएफ) के तहत पेंशन मिलती है जो कि बीमाकृत राशि का 50 फीसदी होता है. उन्होंने कहा कि ये पूरी स्कीम सिर्फ वोट बटोरने का जरिया है न कि कामगारों को फायदा पहुंचाने के लिए है.

स्कीम के तहत सरकार क्या देगी? योजना के तहत सब्सक्राइबर्स को हर महीने के आधार पर कुछ रकम देनी होगी और सरकार इसके बराबर रकम अपनी तरफ से देगी. सबस्क्राइबर्स की अलग-अलग आयु के आधार पर उनका प्रीमियम अलग-अलग होगा.

स्कीम के नियम क्या हैं? सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अगर स्कीम का सब्सक्राइबर इस योजना से 10 साल से पहले निकलता है तो उसे सिर्फ उतनी ही रकम वापस मिलेगी जितना योगदान उसने किया है. इसके साथ उसे बचत खाते का ब्याज ही मिलेगा. इसके अलावा अगर व्यक्ति 10 सालों के बाद लेकिन अपने 60 साल पूरे होने से पहले स्कीम से निकलता है तो उसे पेंशन फंड का कुल जमा ब्याज या बचत खाते पर जमा ब्याज जो भी ज्यादा होगा वो मिलेगा.

अगर सबस्क्राइबर की मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी या पति उसके जरिए देने वाली रकम के योगदान के बराबर रकम देकर स्कीम को जारी रख सकता है या स्कीम से निकल सकता है. इसके लिए भी समान ही नियम होगा कि उसे पेंशन फंड का कुल जमा ब्याज या बचत खाते पर जमा ब्याज जो भी ज्यादा होगा वो मिल सकेगा.

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