शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन तेजी, खुलते ही सेंसेक्स 78000 पार, इस साल हुए गिरावट की हुई भरपाई
एक तरफ जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के साथ 78 हजार के पास कर गया तो वहीं दूसरी ओर निफ्टी एक्सचेंज का Nifty-50 ने भी करीब 100 की बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की.

शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन तेजी देखने को मिल रही है. एक दिन पहले यानी सोमवार को आए तूफान के बाद ये सिलसिला मंगलवार को भी देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के साथ 78 हजार के पास कर गया तो वहीं दूसरी ओर निफ्टी एक्सचेंज का Nifty-50 ने भी करीब 100 की बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की.
निफ्टी में 92.75 अंक यानी 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 23,748.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. तो वहीं निफ्टी 0.41 फीसदी यानी 309.36 अक बढ़त के साथ 78,300.54 पर कारोबार कर रहा है.
शेयर मार्केट की कारोबारी शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स एक दिन पहले बंद हुए 77 हजार 984.38 के लेवर के आगे बढ़ते हुए 78 हजार 296.28 पर खुला. जबकि, निफ्टी की बात करें तो एक दिन पहले बंद हुए 23 हजार 658.35 के लेवल से बढ़ते हुए 23 हजार 751.50 पर कारोबार करना शुरू किया.
इधर, विदेशी निवेशकों के सकारात्मक रुख और बेहतर मूल्यांकन के कारण घरेलू शेयर बाजारों में इस साल हुई गिरावट की भरपाई हो गई है. दोनों प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने हाल में हुई गिरावट के बाद सोमवार को लगातार छठे दिन जोरदार तेजी को बरकरार रखा.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों की वापसी, निचले स्तरों पर खरीदारी, बेहतर मूल्यांकन और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 2025 में दो बार ब्याज दरों को घटाने के संकेत ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है.. बीएसई सेंसेक्स 17 मार्च से छह दिन में 4,155.47 अंक या 5.62 प्रतिशत उछल चुका है.
इस दौरान एनएसई निफ्टी 1,261.15 अंक या 5.63 प्रतिशत चढ़ा है.. पिछले महीने सेंसेक्स में 4,302.47 अंक या 5.55 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जबकि जनवरी में इसमें 638.44 अंक या 0.81 प्रतिशत की गिरावट आई थी.. मार्च में अबतक सेंसेक्स 4,786.28 अंक या 6.53 प्रतिशत चढ़ चुका है.
लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक सतीश चंद्र अलूरी ने कहा, ‘‘मार्च में अबतक भारतीय बाजारों में उल्लेखनीय उछाल आया है.. निचले स्तर पर लिवाली और बेहतर मूल्यांकन, कमजोर डॉलर और कम अमेरिकी प्रतिफल के कारण विदेशी निवेशक वापसी कर रहे हैं..’’ उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीनों में रिकॉर्ड 29 अरब डॉलर की बिक्री के बाद, विदेशी निवेशक हाल के सत्रों में शुद्ध खरीदारों रहे हैं.
इसके अलावा डॉलर के रुख में नरमी से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई.. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध, संपत्ति प्रबंधन के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी शुल्कों में लचीलेपन के संकेत के बाद बाजार की धारणा को और बल मिला है.
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस
