अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब से दोबारा अमेरिका की सत्ता पर बैठे हैं, उसके बाद से वे अपने हर एक फैसले से लगातार दुनिया को चौंका रहे हैं. वो चाहे बात अवैध रुप से रह रहे अप्रवासियों को वहां से हाथ और पैर बांधकर बाहर भेजने की हो या फिर टैरिफ की. रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का एलान करके ट्रंप ने तो पूरे बाजार में ही हलचल मचाकर रख दिया. इसके पीछे राष्ट्रपति ट्रंप की ये दलील है कि दूसरे देश अमेरिकी सामानों पर भारी भरकम टैक्स लगाकर उसे लूट रहे हैं.
चीन, कनाडा और मैक्सिको से आने वाले सामनों पर भारी भरकम सीमा शुल्क लगाने की वजह से आज पूरे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल की स्थिति पैदा हो गई है. ऐसे में एक सवाल जरूर इस वक्त न सिर्फ उठ रहा है बल्कि सभी के मन में है कि आखिर इसका क्या कुछ वैश्विक असर होगा और भारत पर इसका कैसा प्रभाव पड़ेगा?
जानकारों की मानें तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैक्स का एलान कर पूरी दुनिया में मंदी की आहट का एक तरह से एलान कर दिया. इससे भारत समेत दुनियाभर में वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, प्रोडक्शन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट कॉलेज की प्रोफेसर डॉक्टर आस्था अहूजा का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैक्स की घोषणा का बाजार में अच्छा संकेत नहीं गया है. उनका कहना है कि इसका मकसद साफ तौर पर ये है कि सामने वाले देशों के व्यवहार में बदलाव लाए जाएं. अमेरिकी राष्ट्रपति पहले कार्यकाल के दौरान 2018 में टैरिफ लगाने के कहा था कि मैं इसको इकॉनोमिक नेशनलिज्म मानता हूं.
इस स्थिति में अगर टैरिफ लगता है तो न सिर्फ आयात वाली चीजों के दुनिया में दाम बढ़ेंगे बल्कि एक दूसरा फैक्टर ये है कि भारत में पहले से ही लगातार रुपये की कीमत में गिरावट आ रही है. ऐसे में आयात वाली वस्तुओं की कीमत तो महंगी हो ही रही है. दाम बढ़ेंगे तो इससे प्रोडक्शन गिरेगा. इस तरह पूरी दुनिया पर उसका व्यापक और विपरीत असर होगा.