Wholesale Inflation: थोक महंगाई दर में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी, महंगी साग-सब्जियों के चलते आया जबरदस्त उछाल
Inflation in india: थोक महंगाई दर अप्रैल में 13 महीनों में सबसे ज्यादा रही है. महंगी साग-सब्जियों और दालों के चलते होलसेल प्राइस इंडेक्स ने सभी अनुमानों के पार जाकर 1.26 फीसदी का आंकड़ा छू लिया है.
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Inflation in india: भारत सरकार ने होलसेल प्राइस इंडेक्स (Wholesale Price Index) का डेटा मंगलवार को जारी किया है. इसके अनुसार, थोक महंगाई अप्रैल में 13 महीनों में सबसे ज्यादा रही है. इसने सभी अनुमानों को तोड़ते हुए 1.26 फीसदी का आंकड़ा छू लिया है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि थोक महंगाई दर 0.8 फीसदी से 1.1 फीसदी के बीच रह सकती है. मगर, अप्रैल के आंकड़ों में यह सभी अनुमानों से आगे निकल गई है. महंगी साग-सब्जियों और दालों के चलते होलसेल प्राइस इंडेक्स में यह उछाल आया है.
मार्च में 0.53 फीसदी था होलसेल प्राइस इंडेक्स
सरकार ने बताया कि होलसेल प्राइस इंडेक्स मार्च में 0.53 फीसदी था. साथ ही जनवरी में यह 0.27 फीसदी रहा था. एक साल पहले अप्रैल, 2023 में थोक महंगाई 34 महीने के अपने निम्नतम स्तर 0.92 फीसदी पर पहुंच गई थी. जुलाई, 2020 में बेस इफेक्ट के चलते यह पहली बार नकारात्मक हो गई थी. थोक मूल्य सूचकांक (WPI) उन वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को मापता है, जो थोक बिजनेस अन्य कंपनियों को बेचते हैं. साथ ही उनके साथ थोक में व्यापार करते हैं. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में कस्टमर्स द्वारा खरीदी गई वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को ट्रैक किया जाता है. डब्ल्यूपीआई रिटेल प्राइस से पहले फैक्ट्री गेट के रेट को ट्रैक करता है.
खुदरा महंगाई दर में आई थी मामूली गिरावट
सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के हिसाब से अप्रैल में खुदरा महंगाई दर में मामूली गिरावट आई थी. अप्रैल, 2024 में खुदरा महंगाई दर 4.83 फीसदी रही. मार्च, 2024 में यह 4.85 फीसदी रही थी. खाद्य महंगाई दर भी उछलकर 8.70 फीसदी पर जा पहुंची थी. सब्जियों और दाल जैसी खाने-पीने की चीजों की महंगाई में बढ़ोतरी के चलते खाद्य महंगाई दर में उछाल देखने को मिला था. दालों की महंगाई दर अप्रैल में 16.84 फीसदी रही थी. हालांकि, ये मार्च के 18.99 फीसदी से कम थी. अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 8.63 फीसदी रही थी. मसालों की महंगाई दर 7.75 फीसदी, फलों की 5.94 फीसदी, चीनी की 6.73 फीसदी और अंडों की 9.59 फीसदी रही है.
कॉमर्स एवं इंडस्ट्री मिनिस्ट्री जारी करती है यह आंकड़ा
कॉमर्स एवं इंडस्ट्री मिनिस्ट्री (Ministry of Commerce and Industry) ने होलसेल प्राइस इंडेक्स का यह आंकड़ा जारी किया है. इस इंडेक्स के तहत कमोडिटी को 3 कैटेगरी में बांटा जाता है. इनमें प्राइमरी आर्टिकल, फ्यूल एवं पावर और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट शामिल होते हैं. प्राइमरी आर्टिकल को फूड एवं नॉन फूड आइटम कैटेगरी में बांटा जाता है. होलसेल प्राइस इंडेक्स का बेस ईयर 2011-12 है.
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