Marathi Signboards: मुंबई में दुकानों के बाहर मराठी साइनबोर्ड न लगाने वालों की आई शामत, अब बीएमसी करेगी कड़ी कार्रवाई
मुंबई में कई दुकानदारों ने अब भी अपनी दुकानों या प्रतिष्ठानों के बाहर मराठी भाषा में साइनबोर्ड नहीं लगाए हैं. वहीं अब बीएमसी सोमवार से ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है.
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Marathi Signboards: मुंबई में दुकानदारों को अपनी दुकानों पर मराठी भाषा में साइनबोर्ड लगाने के लिए कई बार बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा एक्सटेंशन दी जा चुकी है. लेकिन अब भी कई दुकानदारों ने निर्देश का पालन नहीं किया है. ऐसे में बीएमसी (BMC) ने अब सोमवार से ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है जिन्होंने चार एक्सटेंशन दिए जाने के बाद भी अपने प्रतिष्ठानों या दुकानों पर मराठी भाषा में साइनबोर्ड नहीं लगाए हैं.
साइनबोर्ड नहीं लगाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर (स्पेशल) संजोग काबरे ने कहा, "हम देखेंगे कि कितनी दुकानों ने अपनी दुकानों पर मराठी साइनबोर्ड लगाए हैं. अगर हमें कोई डिफॉल्टर मिलता है, तो हम सात दिनों के भीतर साइनबोर्ड स्थापित करने की चेतावनी जारी करेंगे, यदि वे तब भी निर्देश का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी."
निर्देश का पालन न करने वालों पर कितना लगेगा जुर्माना
काबरे ने आगे कहा, "कानून के अनुसार हम दुकानदार से प्रति कर्मचारी 2,000 रुपये का जुर्माना वसूल सकते हैं. अगर कोई भुगतान करने से इनकार करता है, तो छोटी अदालत में एक जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी और जुर्माना वसूल किया जाएगा." उन्होंने कहा, "मुंबई में लगभग 5 लाख दुकानें हैं. हमने 2 लाख दुकानों का दौरा किया और उनमें से लगभग 1 लाख दुकानों ने मराठी साइनबोर्ड लगाए हैं."
बता दें कि मार्च, 2022 में, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार ने निर्णय लिया था कि राज्य की सभी दुकानों को देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड प्रदर्शित करना होगा. यदि बोर्ड एक से अधिक भाषाओं में नाम प्रदर्शित करते हैं, तो मराठी फ़ॉन्ट अन्य लिपियों से छोटा नहीं होना चाहिए.
30 सितंबर को खत्म हो चुकी है डेडलाइन
वहीं दुकानदार संघ ने बीएमसी से साइनबोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त समय देने का अनुरोध किया था क्योंकि की दुकानों पर फैंसी साइनबोर्ड लगे हुए हैं और ऐसे साइनबोर्ड बनाने के लिए जल्दी से आर्टिस्ट नहीं मिलते हैं उन्होंने यह भी कहा था कि फैंसी साइनबोर्ड बनाना एक समय लेने वाली प्रक्रिया है. उनकी शिकायतों को सुनने के बाद बीएमसी ने समय सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी थी.
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