कोच्चि के CBSE स्कूलों ने मार्क्स या ग्रेड की जगह इमोजी को अपनाया, जानिए इसके पीछे की क्या है वजह?
यह बदलाव नई शिक्षा नीति 2020 और CBSE द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप है. जिसके तहत इस शैक्षणिक वर्ष से किंडरगार्टन से कक्षा 2 तक के छात्रों के लिए एक " समग्र रिपोर्ट कार्ड " पेश किया गया है.
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Emoji For Evaluations CBSE Schools In Kochi: कोच्चि के कई CBSE स्कूलों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दरअसल इन स्कूलों में बच्चों को मार्क्स या ग्रेड की जगह इमोजी दिए जा रहे हैं. इन इमोजी के माध्यम से बच्चों के रिजल्ट को दिखाया जा रहा है. यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 और CBSE द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप है. इस शैक्षणिक वर्ष से किंडरगार्टन से कक्षा 2 तक के छात्रों के लिए एक " समग्र रिपोर्ट कार्ड " पेश किया गया है, जो पारंपरिक लिखित परीक्षाओं के बजाय उनकी गतिविधियों के आधार पर बच्चों के मूल्यांकन पर फोकस करता है.
'बच्चों का स्किल्स डेवलपमेंट और संचार कौशल होगा बेहतर'
वहीं, कोच्चि के CBSE स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि आप इस नए तरीके के बाद बच्चों के उत्साह की कल्पना कर सकते हैं. आप कल्पना करिए कि आपके मार्क्स के बजाय इमोजी है. जिसमें ताली बजाते, स्टार या फिर ट्रॉफी को दिखाया गया है. मेरा मानना है कि इस के इमोजी का कहीं ज्यादा असर होगा. साथ ही बच्चों को बेहतर प्रेरणा मिलेगी.
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उन्होंने कहा कि इन नए सिस्टम का फोकस स्किल्स डेवलपमेंट के अलावा संचार कौशल को बेहतर बनाना है. यह नई शिक्षा नीति का हिस्सा है, जिसे तकरीबन 4 साल पहले 2020 में लाया गया था.
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यह नई शिक्षा नीति क्यों है बेहद खास?
इसके अलावा यह शिक्षा नीति नई प्रणाली संचार, सक्रिय शिक्षण और समग्र स्वास्थ्य और कल्याण जैसे कौशल पर जोर देती है. प्रश्न पत्रों पर निर्भर रहने के बजाय छात्रों का मूल्यांकन प्रोजेक्ट वर्क, पूछताछ-आधारित कार्यों, क्विज़ और ग्रुप एक्टिविटी के जरिए किया जा रहा है. इससे बच्चों की भावनात्मक और सामाजिक क्षमताओं के साथ-साथ शारीरिक समन्वय का बेहतर विकास हो रहा है.
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