IPS Success Story: मां का अपमान देख किया ऑफिसर बनने का फैसला, आईपीएस बन शालिनी ने नशे के डीलर्स के खिलाफ चलाया खास अभियान
Success Story: शालिनी ने बचपन में ही अफसर बनने की ठान ली थी. इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पूरी तन्मयता से तैयारी की और आईपीएस ऑफिसर बनीं.
![IPS Success Story: मां का अपमान देख किया ऑफिसर बनने का फैसला, आईपीएस बन शालिनी ने नशे के डीलर्स के खिलाफ चलाया खास अभियान IPS Success Story Seeing the insult of mother, decided to become an officer, today is an influential IPS IPS Success Story: मां का अपमान देख किया ऑफिसर बनने का फैसला, आईपीएस बन शालिनी ने नशे के डीलर्स के खिलाफ चलाया खास अभियान](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2022/01/26/de44566425f140131a33541ea2620d46_original.jpg?impolicy=abp_cdn&imwidth=1200&height=675)
Success Story of IPS: ''सीढ़ियों कि जरूरत उन्हें है, जिन्हें छत तक जाना है. मेरी मंजील तो आसमान है, रास्ता भी खुद ही बनाना है.'' यूपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए कुछ ऐसी ही मिसाल है देश की बेटी आईपीएस शालिनी अग्निहोत्री (IPS Shalini Agnihotri). हिमाचल प्रदेश राज्य के एक छोटे से गांव की निवासी शालिनी ने बचपन में अपनी मां का अपमान देखकर अधिकारी (Officer) बनने का निर्णय कर लिया था. जिसे उन्होंने कड़ी मेहतनत और लगन से पाया भी.
बचपन में शालिनी अग्निहोत्री (Shalini Agnihotri) अपनी मां के साथ बस (Bus) में कहीं जा रहीं थी. इस दौरान एक व्यक्ति ने उनकी मां की सीट के पीछे हाथ लगाया हुआ था, जिससे वे ठीक से बैठ नहीं पा रही थी. कई बार हाथ हटाने के लिए कहा लेकिन उस व्यक्ति ने एक नहीं सुनी. कई बार कहने के बाद व्यक्ति गुस्सा हो गया और उल्टा-सीधा बोलने लगा. उसी समय शालिनी ने सोच लिया था कि वे भी बड़ी होकर अफसर बनेंगी.
शालिनी ने अपना ये सपना पूरा भी किया. शालिनी (Shalini) ने एक ऐसी पहचान बनाई है कि अपराधी उनके नाम से डरते हैं. शालिनी अग्निहोत्री बताती हैं कि 10वीं कक्षा की परीक्षा में उन्हें 90 प्रतिशत (Percent) से ज्यादा नंबर मिले थे लेकिन 12वीं की परीक्षाओं में करीब 80 प्रतिशत अंक ही आ सके. लेकिन उनके परिजनों (Parents) ने उनके ऊपर भरोसा जताया.
UPSC IAS Interview Questions: वह कौन सा जानवर है जो घायल होने पर इंसानों की तरह रोता है? UPSC इंटरव्यू में पूछे जाते हैं ऐसे ही सवाल
नशे के डीलरों के खिलाफ चलाया अभियान
12वीं के बाद शालिनी ने हिमाचल प्रदेश एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया. उन्होंने यहां से ग्रेजुएशन (Graduation) की पढ़ाई पूरी की. शालिनी ने ग्रेजुएशन के साथ ही यूपीएससी (UPSC) की तैयारी करना शुरू कर दिया था. लेकिन इसकी जानकारी उनके परिजनों को भी नहीं थी. उन्हें यह डर था कि इतनी बड़ी परीक्षा (Exam) में अगर उन्हें सफलता नहीं मिली तो उनके परिजन निराश हो जाएंगे. जिस कारण उन्होंने घर वालों को इसके बारे में नहीं बताया.
यूपीएससी एग्जाम की तैयारी के लिए शालिनी ने किसी कोचिंग (Coaching) का सहारा नहीं लिया. पहले प्रयास में यूपीएससी एग्जाम पास कर लिया और उन्हें आईपीएस के लिए चुन लिया गया. प्रशिक्षण के बाद उनकी पोस्टिंग हिमाचल (Himachal) में हुई. उन्होंने नशे के डीलरों के खिलाफ अभियान चलाया, इस दौरान कई नशे के सौदागर पकड़े गए.
IAS Interview Tricky Questions: एक आदमी आठ दिन बिना नींद के कैसे रह सकता है? ये है सवाल का जवाब..
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस
![ABP Premium](https://cdn.abplive.com/imagebank/metaverse-mid.png)