JEE Advanced: जेईई एडवांस में पेंटर भाईयों के बेटों ने फतह किया मैदान
आगरा में दो पेंटर भाइयों के बेटों ने जेईई एडवांस परीक्षा पास की है. इन दोनों ने इस परीक्षा में अच्छे नम्बर प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया है.
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सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती. आगरा के दो चचेरे भाईयों ने संसाधनों के अभाव में सफलता का वो मुकाम हासिल किया है, जहां पहुंचने से पहले ही सुविधा और सहूलियत के ढेर पर बैठे तमाम प्रतिभागियों की हसरते दम तोड़ देती हैं. इन भाईयों की सफलता से यह बात साबित होती है कि अगर इरादा अटल हो और लगन सच्ची हो तो फिर चाहे मंजिल जो हो, मिल ही जाती है.
केवल 600 रुपये रोज की दिहाड़ी पर घर की पुताई करने वाले दो सगे भाईयों के बेटों ने जेईई एडवांस परीक्षा पास कर सबको हैरत में डाल दिया है. दोनों भाईयों ने दो साल पहले अपने बेटों को आईआईटी में दाखिला दिलाने का जो सपना देखा था, उसे उनके बेटों शिवम और अभिषेक ने आज पूरा कर दिखाया है.
बताते चलें कि दो वर्ष दोनों भाई एक प्राइवेट स्कूल में पेंट का कार्य कर रहे थे. उस दौरान इन दोनों भाइयों को किसी ने आईआईटी के बारे में बताया. उन्हें बताया एक परीक्षा होती है जिसे क्लियर करने के बाद आईआईटी में एडमिशन मिलता है. इसके बाद दोनों पेंटरो ने अपने बच्चों का दाखिला उसी स्कूल में करा दिया और आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग क्लास ज्वाइन कराने का निर्णय लिया.
मिलते हैं 600 रुपये
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ही झांसी के रहने वाले राजेंद्र कुमार और विजेंद्र कुमार 15 साल पहले काम की तलाश में आगरा आए थे. उस वक्त उनके पास कुछ भी नहीं हुआ करता था. एक समय ऐसा भी था जब उनके पास अगले दिन के खाने के लिए भी कुछ नहीं होता था. कई मेहनत के बाद दोनों भाइयों ने पेंटर के तौर पर काम करना शुरू किया. राजेंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह और उनके भाई कम उम्र से ही दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम कर रहे हैं. अब वह दोनों हर दिन 600 रुपये कमा लेते हैं. वह किराए के मकान में रहते हैं. बेटे और भतीजे के आईआईटी में जाने के बाद हमें उम्मीद है कि भविष्य में बेहतर होगा. राजेंद्र बताते हैं कि वह 10वीं क्लास में फेल हो गए थे और उनका छोटा भाई 8वीं क्लास तक पढ़ा था.
कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने की इच्छा
राजेंद्र के चार बच्चे हैं. जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा हैं. उनकी बेटियां एमएससी, एमसीए और बीबीए जैसे विभिन्न फील्ड में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. अभिषेक सबसे छोटा है और उसने जेईई एडवांस में 2372 रैंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है. वहीं, विजेंद्र कुमार का बड़ा बेटा बीबीए की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा शिवम ने जेईई एडवांस में 2989 रैंक प्राप्त की है.अभिषेक और शिवम दोनों ही आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं.
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