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IAS बनने का असली इम्तिहान, UPSC से आगे और LBSNAA की अनकही दास्तान

सिर्फ यूपीएससी पास कर लेने से ही कोई अधिकारी नहीं बन जाता है. इसके बाद भी उन्हें पेपर और कई कठिन टास्क से गुजरना पड़ता है. आइए जानते हैं कैसे एक यूपीएससी पास कैंडिडेट आईएएस अधिकारी बनता है.

यूपीएससी का जब नाम आता है तो लोगों को लगता है कि प्री और मेंस की परीक्षा पास कर लेने भर से कोई व्यक्ति सिविल सर्विसेज के लिए तैयार हो जाता है. मगर आपको शायद ये नहीं पता होगा कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद दो साल की कड़ी ट्रेनिंग से एक कैनडिट को गुजरना पड़ता है.

इस दौरान उन्हें कई पेपर भी अकादमी में पास करने होते हैं. कई टास्क पूरे करने होते हैं. जिसके उन्हें नंबर दिए जाते हैं जोकि आगे चलकर उनकी मेरिट में जुड़ते हैं जिसके आधार पर ही उन्हें ट्रेनिंग के बाद तैनाती मिलती है. इस विषय में विस्तार से जानकारी दी है प्रेरणा सिंह ने, जो 2017 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं.

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प्रेरणा सिंह ने बताया कि जब उम्मीदवार यूपीएससी की परीक्षा पास कर लेते हैं, तो उन्हें लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) जाना पड़ता है. यूपीएससी का रिजल्ट जारी होने और LBSNAA जाने के बीच में आमतौर पर कम से कम डेढ़ महीने का अंतराल होता है. इस समय में उम्मीदवारों को अपनी पैकिंग करनी होती है और विभिन्न फॉर्मल प्रक्रियाओं से गुजरना होता है, जैसे कि सर्विस लिस्ट का जारी होना और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करना.

कैसा होता है अकादमी का माहौल

जब उम्मीदवार LBSNAA पहुंचते हैं, तो उन्हें पहली बार महसूस होता है कि यहां की ट्रेनिंग बहुत सख्त और अनुशासनपूर्ण है. प्रेरणा सिंह ने बताया कि यहां के करिकुलम में विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियां शामिल होती हैं, जैसे कि मॉर्निंग पीटी से शुरू होकर हॉर्स राइडिंग, स्विमिंग और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ कराई जाती है. इन गतिविधियों से उम्मीदवारों की शारीरिक और मानसिक क्षमता का परीक्षण किया जाता है. इसके अलावा, ट्रेनिंग के दौरान क्लासेस भी होती हैं, जिन्हें ‘सनब्रेक’ कहा जाता है. क्लासेस के दौरान उम्मीदवारों को फॉर्मल कपड़े पहनने होते हैं और ट्रेनिंग के दौरान अनुशासन का पालन करना अनिवार्य होता है. इस ट्रेनिंग को ऑफिसर ट्रेनिंग (OT) कहा जाता है. इस ट्रेनिंग के बाद, उम्मीदवारों को उनके सर्विसेज के हिसाब से अलग-अलग स्थानों पर ट्रेनिंग दी जाती है.

IAS अधिकारियों के लिए विशेष ट्रेनिंग

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के लिए LBSNAA में विशेष ट्रेनिंग आयोजित की जाती है. इसमें एक महत्वपूर्ण हिस्सा है भारत दर्शन, यानी भारत के विभिन्न हिस्सों का दौरा करना और डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग, जिसमें उम्मीदवारों को जिले स्तर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली समझाई जाती है. प्रेरणा सिंह ने बताया कि इस दौरान उन्हें विभिन्न गांवों में जाकर प्रशासनिक कामकाज को समझने का अवसर मिला. 

हिमालयन ट्रैकिंग और इंडिया डे

LBSNAA में हर उम्मीदवार को एक हिमालयन ट्रैकिंग में भाग लेना होता है, जो लगातार 10 दिनों तक चलता है. यह ट्रैकिंग शारीरिक रूप से कठिन होती है, लेकिन इससे उम्मीदवारों को आत्मनिर्भरता और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता मिलती है. इसके अलावा, "इंडिया डे" मनाने की एक विशेष परंपरा है, जिसमें सभी उम्मीदवार अपने चुने हुए क्षेत्र के हिसाब से पारंपरिक पहनावे में आते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं. अगर किसी ने राजस्थान चुना है, तो वे राजस्थानी पोशाक पहनते हैं और वहां के संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन करते हैं.

यूपीएससी के बाद भी होती है परीक्षा

लोगों को यह लगता है कि यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद कोई और परीक्षा नहीं होती, लेकिन ऐसा नहीं है. LBSNAA में भी उम्मीदवारों की परीक्षा होती है, जिसमें MCQ आधारित सवाल पूछे जाते हैं. इन सवालों के माध्यम से उम्मीदवारों की शैक्षिक क्षमता और प्रशासनिक कार्यों की समझ का मूल्यांकन किया जाता है. इस प्रकार यूपीएससी परीक्षा के बाद की ट्रेनिंग भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है, जितनी कि परीक्षा खुद. यह ट्रेनिंग न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से उम्मीदवारों को तैयार करती है, बल्कि उन्हें प्रशासनिक कार्यों को समझने और प्रभावी ढंग से निभाने के लिए भी प्रशिक्षित करती है.

विदेशों और मंत्रालय में भी होती है ट्रेनिंग 

LBSNAA में ट्रेनिंग के लिए आने वाले कैंडिडेट्स को फिजिकल फिटनेस से लेकर मेंटल हेल्थ मजबूत कराया जाता है. इसके अलावा रूरल डेवलपमेंट, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री डेवलपमेंट की ट्रेनिंग होती है. यहां सभी को ऑफिसर रैंक मिलने से पहले सभी क्षेत्र में सक्षम बनाया जाता है. इसके साथ ही विदेशों में जैसे कि साउथ कोरिया समेत कई अन्य देशों में जाकर भी वहां के कामकाज को समझने की ट्रेनिंग दी जाती है. इसके साथ ही देश के विभिन्न मंत्रालय में भी ट्रेनी आईएएस को तैनात कर उनकी ट्रेनिंग कराई जाती है. 

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