हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रही इंडियन नेशनल लोकदल को बड़ा झटका लगा है. अभय चौटाला के करीबी और पूर्व सांसद चरणजीत रोड़ी ने इनेलो छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है. 2019 के लोकसभा चुनाव में चरणजीत रोड़ी को सिरसा सीट से हार का सामना करना पड़ा था.


2014 में मोदी लहर के बीच चरणजीत रोड़ी इनेलो के टिकट पर सिरसा से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचने में कामयाब हुए थे. रोड़ी ने सिरसा सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर को मात दी थी. 2009 में सिरसा सीट से अशोक तंवर सिरसा सीट से जीत मिली थी.


चूंकि अब अशोक तंवर कांग्रेस को अलविदा कह चुके हैं, इसलिए भविष्य के लोकसभा चुनाव में चरणजीत रोड़ी सिरसा से कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं. चरणजीत रोड़ी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा की उपस्थिति में पार्टी ज्वाइन की है.


सिरसा से है शैलजा का नाता


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा खुद दो बार सिरसा के सांसद चुनी गई है. 1991 में पहली बार शैलजा सिरसा से चुनाव जीतने के बाद ही लोकसभा पहुंची थी. इतना ही नहीं कुमारी शैलजा के पिता दलबीर सिंह तीन बार सिरसा से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे.


इनेलो के लिए नई चुनौती


जेजेपी के टूटने के बाद इनेलो पहले से ही मुश्किलों में घिरी हुई है. इनेलो के लिए चरणजीत रोड़ी का जाना इसलिए भी बड़ा झटका है क्योंकि ना सिर्फ अभय चौटाला के करीबी रहे हैं बल्कि उन्होंने इनेलो के गढ़ माने जाने वाले सिरसा का प्रतिनिधित्व किया है. इससे पहले ओमप्रकाश चौटाला के सबसे करीबी अशोक अरोड़ा भी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं.


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