कोलकाताः पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हुए स्थानीय चुनाव में 9270 सीटें जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली जबकि बीजेपी अधिकतर जिलों में सत्ताधारी पार्टी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर उभरी. यह स्थिति आज दोपहर दो बजे तक आये नतीजों के मुताबिक है.


राज्य निर्वाचन आयोग (सीईसी) के सूत्रों ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस 2317 ग्राम पंचायत सीटों पर आगे है जिसके लिए मतों की गिनती चल रही है. सूत्रों ने कहा कि बीजेपी ने 2079 सीटें जीत ली हैं और वह 200 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं माकपा ने 562 ग्राम पंचायत सीटें जीत लीं हैं और 113 पर आगे चल रही है. कांग्रेस ने 315 सीटें जीत ली हैं और 61 पर आगे चल रही है. निर्दलीय उम्मीदवारों ने 707 ग्राम पंचायत सीटें जीत ली हैं और 120 सीटों पर आगे चल रहे हैं.


पंचायत समिति सीटों का हाल
सीईसी के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक 95 पंचायत समिति सीटें जीत ली हैं और 65 अन्य पर आगे चल रही है जबकि अन्य पार्टियों ने अभी तक अपना खाता नहीं खोला है. जिला परिषदों में तृणमूल कांग्रेस ने 10 सीटें जीत ली हैं और 25 अन्य पर आगे चल रही है.


ग्राम पंचायत में बीजेपी बनी तृणमूल की मुख्य प्रतिद्वंद्वी
बीजेपी मुर्शिदाबाद और माल्दा को छोड़कर लगभग सभी जिलों में ग्राम पंचायत में तृणमूल की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर उभरी. मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस ने 466 सीटें और कांग्रेस ने 83 सीटें जीती हैं. सीईसी ने कहा कि जिले में माकपा और बीजेपी ने क्रमश: 48 और 24 सीटें जीती हैं.


पुरूलिया में बीजेपी तृणमूल कांग्रेस से थोड़े अंतर से आगे है. दोपहर दो बजे तक बीजेपी ने 275 सीटें जबकि तृणमूल ने 262 सीटें जीत ली थीं. उसने कहा कि कांग्रेस और माकपा ने क्रमश: 60 और 44 सीटें जीती हैं. दक्षिण 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस ने 1028 ग्राम पंचायत सीटें, बीजेपी ने 177, माकपा ने 72 और कांग्रेस ने 16 सीटें जीती हैं.


पूर्वी मिदनापुर में तृणमूल कांग्रेस ने 1075 ग्राम पंचायत सीटें जीती हैं , बीजेपी ने 74 और माकपा ने 55 और कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं.


पश्चिम बंगाल के 20 जिलों में पंचायत चुनाव 621 जिला परिषद , 6123 पंचायत समिति और 31802 ग्राम पंचायत सीटों के लिए 14 मई को हुआ था. मतगणना आज सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा में शुरू हुई.