Imtiaz Ali on Madhubala: फिल्म अमर सिंह चमकीला ओटीटी पर आई थी जिसे खूब पसंद किया गया. इस फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया और उन्होंने इससे पहले भी कई बेहतरीन फिल्में बनाई हैं. इम्तियाज अली अब हॉरर फिल्म बनाना चाहते हैं और एक असल कहानी को दिखाना चाहते हैं. इम्तियाज अली ने एक पॉडकास्ट में इस बारे में जिक्र किया और कहा कि वो फिल्म से लोगों को डराना चाहते हैं या उनका कुछ और मकसद है.
इम्तियाज अली ने पॉडकास्ट में बताया कि उनका मकसद लोगों को डराना नहीं बल्कि उनकी कहानी का एहसास दिलाना है जो वो पर्दे पर दिखाएंगे. इम्तियाज अली को एक हॉरर फिल्म पसंद है और उनके मन में क्या आइडिया है चलिए आपको बताते हैं.
इम्तियाज अली क्यों बनाना चाहते हैं हॉरर फिल्म?
इम्तियाज अली ने रणवीर अलाहबादिया के पॉडकास्ट में कई चीजें शेयर की हैं. इस पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, 'मधुबाला जिस घर में रहती थीं उस बंगले का नाम किस्मत था. अब वो बंगला नहीं रहा क्योंकि उसे फिर से कुछ दूसरी चीज बनाया जा रहा है. लेकिन पहले के दिनों में उस बंगले को भूतिया कहा जाता था. कई लोग रात में वहां फिल्म की शूटिंग करना चाहते थे लेकिन उन्हें परमिशन भी नहीं मिली. ऐसा कहा जाता है कि मधुबाला का भूत भी रहता है.'
इम्तियाज अली ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वो बात सच है या नहीं लेकिन उस जगह पर मैंने कुछ महसूस किया था. एक रात की बात है जब मैं वहां शूटिंग करने गया था मुझे कुछ महसूस हुआ तो मैं रोज वहां जाने लगा था. मैं अकेले उस बंगले में जाया करता था. वहां एक जगह शांति से अंधेरे वाले कोने में बैठा रहता था.'
इम्तियाज अली ने इसी में आगे कहा, 'मैं देखना चाहता था कि उस बंगले में मधुबाला का भूत सच में रहता है या नहीं. हालांकि, मैं आत्माओं पर विश्वास नहीं करता लेकिन मुझे वो रातें याद हैं जब मैं वहां जाया करता था. मैं एक दिन उसी अंधेरे वाले कोने में बैठा था और ना सिर्फ मुझे डर लगा बल्कि कुछ और भी महसूस हुआ. रोमांटिक सा महसूस हुआ और वो एहसास ही अलग था.'
कैसे हुई थी मधुबाला की मौत?
मधुबाला 40 और 50 के दशक में कई हिट फिल्मों में नजर आईं. मात्र 36 साल की उम्र में उनका निधन एक बीमारी से हो गया था. 23 फरवरी 1969 को मुंबई में मधुबाला का निधन एक बीमारी के कारण हो गया था. कुछ साल पहले जब मधुबाला की 89वीं जयंती थी तब इम्तियाज अली ने मधुबाला की एक तस्वीर शेयर की थी. इम्तियाज अली ने बताया था कि उनकी फेवरेट हॉरर फिल्म मधुमति (1958) है और वो उसी तर्ज पर कुछ बनाने की सोच रहे हैं.