Upkar: 'मेरे देश की धरती...' गाने को कोई कैसे भूल सकता है. आज भी ये गीत मशहूर देशभक्ति गीतों में शुमार है. गीत 1967 में रिलीज हुई फिल्म 'उपकार' (Upkar) का है. ये बॉलीवुड की एक ऐसी फिल्म थी जिसने कमाई से लेकर पॉपुलैरिटी तक हर मोर्चे पर अपनी धाक जमाई. फिल्म ने मनोज कुमार (Manoj kumar) को भारत कुमार (Bharat Kumar) बना दिया तो आशा पारेख (Asha Parekh) की जिंदगी बदल दी और तो और प्राण साहब (Pran Sahab) को सिनेमाई दुनिया में नई जिंदगी दे दी. लेकिन फिल्म के बारे में एक दिलचस्प बात है जो शायद ही आप जानते हो. उपकार को बनाने का आइडिया किसी फिल्ममेकर नहीं था बल्कि तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का था.
ट्रेन में लिखी गई फिल्म की स्टोरी
फिल्म उपकार 1967 में रिलीज हुई लेकिन फिल्म का तानाबाना 1965 में ही बुन लिया गया था. ये उस वक्त की बात है जब मनोज कुमार की फिल्म 'शहीद' रिलीज हुई थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री दिल्ली में फिल्म की स्क्रीनिंग में पहुंचे थे. फिल्म देखने के बाद उन्होंने मनोज कुमार से कहा कि वो जय जवान जय किसान के नारे पर कोई फिल्म क्यों नहीं बनाते? इसके बाद जब मनोज कुमार ट्रेन से दिल्ली लौट रहे थे तभी रास्ते में उपकार की कहानी लिख ली थी. फिल्म की पूरी कहानी मनोज कुमार ने लिखी और डॉरेक्शन भी उन्होंने ही किया. फिल्म में भारत कुमार का मुख्य किरदार भी मनोज ने ही निभाया. कल्याणजी-आनंदजी ने संगीत दिया. जो आज भी कानों में मिश्री घोल देते हैं.
बदल गई आशा पारेख की छवि
फिल्म ने आशा परेख को नई पहचान दी उनके करियर को एक दूसरा मुकाम दिया. हालांकि उस वक्त भी आशा पारेख एक सुपरस्टार थीं लेकिन उनकी पहचान एक डासिंग हिरोइन की तरह थी लेकिन मनोज कुमार उनकी ये इमेज बदलना चाहते थे. इसलिए उन्होंने आशा पारेख को एक डॉक्टर का किरदार दिया. पूरी फिल्म में आशा पारेख के सिर्फ दो डांस मूव्स थे. इतना ही नहीं मनोज कुमार ने आशा पारेख के एक्प्रेशन पर भी काम किया. दरअसल आशा पारेख जब भी इमोशनल सीन करती थी तो अपना माथा पीटने और ललाट को सिकोड़ लेती थी. फिल्म में मनोज कुमार ने उनको यह करने से रोका.
प्राण साहब को बना दिया पॉजिटिव
आशा पारेख के साथ फिल्म प्राण साहब के लिए जीवनदायिनी साबित हुई. इस फिल्म से पहले प्राण ने पर्दे पर सिर्फ विलेन की भूमिका निभाई थी लेकिन इसमें उनका सकारात्मक किरदार था. प्राण इस फिल्म में लंगड़े 'मलंग चाचा' की भूमिका में थे जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया. इस फिल्म में प्राण साहब को न सिर्फ एक पॉजिटिव रोल मिला, बल्कि कसमे वादे प्यार वफा...गाना भी उन पर फिल्माया गया. हालांकि उपकार के म्यूजिक डायरेक्टर्स कल्याणजी और आनंदजी शुरुआत में इसके खिलाफ थे. उन्हें लग रहा था कि ये गाना मनोज कुमार पर फिल्माया जाएगा. लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो कल्याणजी और आनंदजी ने नाराज होकर मनोज कुमार से कहा कि वह एक अच्छे गाने को बर्बाद कर रहे हैं. लेकिन यह गाना हिट साबित हुआ और प्राण की विलेन की इमेज भी बदल गई.
मनोज कुमार ने शशि कपूर को नहीं बनाया अपना भाई
फिल्म में भारत के छोटे भाई की भूमिका में प्रेम चोपड़ा था. ये किरदार निगेटिव था. इसलिए मनोज ने शशि कपूर को पूरण के किरदार के लिए कोस्ट नहीं किया. दरअसल मनोज कुमार ने जब स्क्रिप्ट लिखी तो वह पूरण के किरदार के लिए शशि को कास्ट करना चाहते थे लेकिन फिर उन्हें लगा कि शशि कपूर के लिए यह फिल्म करना घाटे का सौदा साबित हो सकता है क्योंकि तब उनके करियर की शुरुआत ही हुई थी और पूरण का किरदार नेगेटिव था. ऐसे में यह सोचते हुए फिर मनोज कुमार ने शशि कपूर की जगह प्रेम चोपड़ा को फाइनल किया.