Kunal Kamra Controversy: एकनाथ शिंदे पर जोक से जुड़े विवाद के बाद अभी थोड़ी देर पहले ही कुणाल कामरा का विस्तृत बयान आया है. उन्होंने अपने इंस्टा हैंडल से लंबा चौड़ा पोस्ट कर साफ कहा है कि वो माफी नहीं मांगने वाले.
दरअसल, स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने एक प्रोगाम में महाराष्ट्र की पॉलिटिकल सिचुएशन पर तंज करते हुए एक व्यंग्यात्मक कविता सुनाई. इस कविता में उन्होंने 'गद्दार' शब्द का इस्तेमाल कर इनडायरेक्ट रूप से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया. वीडियो वायरल होते ही शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं और समर्थकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.
इस कविता के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने रविवार (23 मार्च) को मुंबई के खार इलाके में 'द यूनिकॉन्टिनेंटल' होटल में तोड़फोड़ की, जहां स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के शो की शूटिंग की गई थी. इसके बाद विवाद बढ़ा और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई.
कुणाल कामरा का आया बयान
अभी थोड़ी देर पहले ही उन्होंने अपने इंस्टा हैंडल से एक लंबा पोस्ट कर इस पूरे विवाद पर माफी न मांगने की बात की है. इस पूरे बयान में उन्होंने सबसे पहले उस भीड़ को आड़े हाथों लिया जिसने उस जगह पर तोड़फोड़ की जहां कुणाल का प्रोग्राम हुआ था.
सबसे पहले तोड़फोड़ करने वाली भीड़ को लिया आड़े हाथ
उन्होंने सबसे पहले तोड़-फोड़ करने वाली भीड़ को संबोधित करते हुए लिखा, ''एंटरटेनमेंट वेन्यू सिर्फ एक प्लेटफॉर्म है. सभी तरह के शो के लिए एक जगह. हैबिटेट (या कोई भी अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही इस पर उसका कोई कंट्रोल है जो भी मैं कहता या करता हूं और न ही मेरे कुछ कहने या करने पर किसी राजनीतिक दल का कंट्रोल है.''
कामरा ने आगे लिखा- 'किसी कॉमेडियन के शब्दों के लिए किसी स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है जितना कि टमाटर ले जा रहे ट्रक को पलटना, क्योंकि आपका परोसा गया बटर चिकन पसंद नहीं आया.''
धमकी देने वाले 'पॉलिटिकल लीडर्स' के लिए क्या कहा कुणाल ने
इसके बाद उन्होंने उन्हें धमकी देने वाले 'पॉलिटिकल लीडर्स' पर अगले पेज में लिखा, ''अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हमारे अधिकार का इस्तेमाल केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज का मीडिया हमें इसके उल्टा भरोसा दिलाने की कोशिश करे.''
उन्होंने आगे ये भी लिखा, ''किसी पॉवरफुल पब्लिक फिगर को लेकर मजाक न सह पाने की आपकी अक्षमता मेरे अधिकारों की प्रकृति को नहीं बदल सकती. जहां तक मुझे पता है किसी नेता और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के सर्कस का मजाक उड़ाना कानून के खिलाफ नहीं.''
पुलिस और कोर्ट के सहयोग के लिए हूं तैयार- कुणाल कामरा
इसके बाद कुणाल ने ये भी लिखा कि वो उनके खिलाफ की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और कोर्ट को को-ऑपरेट करने के लिए तैयार हैं. लेकिन उन्होंने इसके साथ ही तंजिया लहजे में एक सवाल भी पूछा और कहा- 'क्या कानून उन लोगों के खिलाफ भी निष्पक्ष और समान रूप से लागू होगा जिन्होंने मजाक से आहत होकर तोड़फोड़ की है? और क्या उन लोगों के खिलाफ भी लागू होगा जो बीएमसी के अनिर्वाचित सदस्य हैं और बिना किसी पूर्व सूचना के हैबिटेट पहुंचकर हथौड़े चलाए.'
इसके बाद उन्होंने और भी गहरा तंज करते हुए लिखा- मैं अगली बार एलफिंस्टन ब्रिज या मुंबई में किसी दूसरी ऐसी जगह में शो करूंगा जिनका गिरना बेहद जरूरी है.
मैं भीड़ से नहीं डरता- कुणाल कामरा
इसके बाद कुणाल ने उनका नंबर लीक करने और उन्हें बार-बार कॉल करने वालों के लिए भी मैसेज छोड़ा और कहा कि आप सभी को पता चल गया होगा कि अननोन नंबर्स में वॉयसमेल में जाते हैं.
उन्होंने मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए इस पूरे विवाद को सर्कस बताते हुए कहा कि इसीलिए भारत में प्रेस फ्रीडम 159वें स्थान पर है.
इसके बाद उन्होंने साफ शब्दों में लिखा- 'मैं माफी नहीं मांगूंगा. मैंने जो कहा वह बिल्कुल वही है जो श्री अजित पवार (पहले उपमुख्यमंत्री) ने श्री एकनाथ शिंदे (दूसरे उपमुख्यमंत्री) के बारे में कहा था. मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बिस्तर के नीचे छिपकर इस घटना के शांत होने का इंतजार नहीं करुंगा.''
किस कविता पर उठा विवाद
कुणाल कामरा ने एक शो के दौरान दिल तो पागल है फिल्म के गाने भोली सी सूरत की टोन से मिलता जुलता एक गाना गाया. उन्होंने कहा- 'ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आखों में चश्मा हाय. एक झलक दिखलाए कभी गुवाहटी में छिप जाए. मेरी नजर से तुम देखो गद्दार नजर वो आए. हाय. मंत्री नहीं वो दलबदलू है और कहा क्या जाए, जिस थाली में खाए उसी में छेद कर जाए.'
इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के खार इलाके में होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में तोड़फोड़ की, जहां कुणाल का ये वाला वीडियो शूट हुआ था.
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