कर्नाटक के रायचुर में हुए विरोध प्रदर्शन के 2 साल पुराने वीडियो अमित शाह के साथ जोड़कर सोशल मीडिया पर किया गया शेयर
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल Video का दावा फर्जी निकला है. कर्नाटक के एक जिला जज ने गणतंत्र दिवस 2022 में आंबेडकर की तस्वीर को हटवा दिया जिससे नाराज लोगों ने विरोध मार्च निकाला था.

नयी दिल्ली, एक जनवरी ( गौरव ललित/प्रत्यूष रंजन पीटीआई फैक्ट चेक) : संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था. अब एक सोशल मीडिया क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि अमित शाह के बयान के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. वीडियो में बड़ी संख्या में लोग अंबेडकर की तस्वीरों के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा फर्जी निकला. जांच में यह सामने आया कि कर्नाटक में एक जिला जज ने गणतंत्र दिवस 2022 में एक समारोह के दौरान मंच पर गांधी जी की तस्वीर के बगल में रखी बीआर आंबेडकर की तस्वीर को हटवा दिया था, जिससे नाराज लोगों ने न्यायाधीश के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार 19 फरवरी 2022 को बेंगलुरू में लोगों ने एक विरोध मार्च निकाला था.
दावा:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने 20 दिसंबर को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “ अमित शाह माफी मांगे #जो_आग_देश_में_लगी है #वह_अब #ज्वालामुखी_बन_गया है और यह #विश्व_भर में #ज्वालामुखी फैलता जा रहा है #पूरे_विश्व_भर में #बाबा_साहेब_अंबेडकर_जी को #चाहने_वाले लोग है” ( शब्दों को ज्यों का त्यों लिखा गया है) पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें.
एक अन्य यूजर ने भी समान दावे के साथ फेसबुक पर 21 दिसंबर को वायरल वीडियो को पोस्ट किया है. पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें.
पड़ताल
दावे का सच जानने के लिए डेस्क ने वायरल वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को रिवर्स इमेज सर्च किया, जहां हमें ‘The News Minute’ की वेबसाइट पर 20 फरवरी 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली. यहां भी वायरल वीडियो का विजुअल मौजूद था. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान न्यायधीश जस्टिस मल्लिकार्जुन गौड़ा ने कथित तौर पर रायचुर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रध्वज फहराने से पहले महात्मा गांधी के बगल में रखी डॉ. बीआर अंबेडकर की तस्वीर हटाने के आदेश दिये थे, जिसके विरोध में 19 फरवरी 2022 को बेंगलुरु में एक बड़ा प्रदर्शन मार्च निकाला गया था, और जस्टिस मल्लिकार्जुन गौड़ा को निलंबित करने की मांग की गई थी. रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें.
पड़ताल को आगे बढ़ाने पर हमें हिंदुस्तान टाइम्स की वेबसाइट पर 21 फरवरी 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में वायरल वीडियो का विजुअल मौजूद है. रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने उस समय प्रदर्शनाकरियों के साथ एक बैठक के दौरान यह वादा किया था कि वह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश जस्टिस मल्लीकर्जुन गौड़ा के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ें.
हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि कर्नाटक के रायचूर में जनवरी 2022 में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान आंबेडकर की तस्वीर को हटाए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के वीडियो को हालिया घटना बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
दावा
अंबेडकर विवाद में अमित शाह के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन.
तथ्य
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ.
निष्कर्ष
हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि कर्नाटक के रायचूर में जनवरी 2022 में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के दौरान अंबेडकर की तस्वीर को हटाए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के वीडियो को हालिया अंबेडकर विवाद में अमित शाह से जोड़कर, यूजर्स गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं.
[डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट Shakti Collective के पार्ट के तहत पहले Press Trust of India पर छपी थी. एबीपी लाइव हिंदी ने हेडलाइन के अलावा रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं किया है.]
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस

