निर्णय [फेक]




    वायरल स्क्रीनशॉट फर्जी है और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के साथ चल रहे राजनयिक मतभेद के बीच कोई माफी नहीं मांगी है.


दावा क्या है?


भारत और मालदीव के बीच बढ़ते राजनयिक विवाद के बीच, सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट ख़ूब वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भारतीयों से माफ़ी मांगी और बाद में अपना पोस्ट हटा दिया.


7 जनवरी को पोस्ट किए गए इस कथित एक्स पोस्ट के वायरल स्क्रीनशॉट में लिखा है, "मैं अपने मंत्रियों की ओर से और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में उनकी गैर-ज़िम्मेदाराना टिप्पणियों के लिए अपने भारतीय दोस्तों से हाथ जोड़कर माफ़ी मांगता हूं. भारत के दोस्तों का स्वागत करने और हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं." स्क्रीनशॉट में यह दावा करने वाला टेक्स्ट भी है कि पोस्ट हटा दिया गया है.


मोहम्मद मुइज़्ज़ू की यह कथित माफ़ी मालदीव के मंत्रियों मरियम शिउना, मालशा शरीफ़ और अब्दुल्ला महज़ूम माजिद द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की हालिया यात्रा के बारे में सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां करने के कुछ दिनों के भीतर आई है.


सोशल मीडिया यूज़र ऋषि बागरी, जो नियमित रूप से ग़लत सूचनाओं से भरे विवादास्पद पोस्ट शेयर करने के लिए जाने जाते हैं, ने 8 जनवरी, 2024 को मुइज़्ज़ू का कथित स्क्रीनशॉट शेयर किया और लिखा, "मालदीव के राष्ट्रपति हाथ जोड़कर बिना शर्त माफ़ी मांगी." रिपोर्ट लिखे जानते तक इस पोस्ट को चार लाख से अधिक बार देखा गया और सात हज़ार से ज़्यादा लाइक्स मिल चुके हैं.



वायरल पोस्ट के स्क्रीनशॉट (सोर्स: एक्स/स्क्रीनशॉट)


कुछ अन्य यूज़र्स ने भी मुइज़्ज़ू के डिलीट किये गए कथित पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया. पोस्ट के आर्काइव वर्ज़न यहांयहां और यहां देखे जा सकते हैं.


हालांकि, वायरल स्क्रीनशॉट फ़र्ज़ी है. मालदीव के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर ऐसी कोई माफ़ी पोस्ट नहीं की है.


सच्चाई क्या है?


हमने पाया कि कथित स्क्रीनशॉट में मालदीव के राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू के असल एक्स अकाउंट के समान यूज़रनेम, प्रोफ़ाइल फ़ोटो और हैंडल का उपयोग किया गया था. इसके बाद हमने मुइज़्ज़ू के आधिकारिक अकाउंट की जांच की और पाया कि अकाउंट से आखिरी पोस्ट 5 जनवरी को शेयर किया गया था.


हमने यह देखने के लिए सोशल मीडिया एनालिटिक्स टूल सोशल ब्लेड की मदद ली कि क्या उस तारीख को मुइज़्ज़ू के अकाउंट से कोई पोस्ट हटा गया था. आंकड़ों के मुताबिक़, 24 दिसंबर 2023 के बाद से मुइज़्ज़ू के हैंडल से कोई पोस्ट डिलीट नहीं किया गया है.


हमने नीचे विश्लेषण का एक स्क्रीनशॉट जोड़ा है. तस्वीर में फ़ॉलोअर्स और फॉलोविंग कॉलम के नीचे (+) और (-) चिह्न प्राप्त/खोई हुई संख्याओं को दर्शाते हैं. इसी प्रकार, 'ट्वीट्स' कॉलम के अंतर्गत चिह्न किए गए/हटाए गए पोस्ट की संख्या दिखाते हैं.



(सोर्स: सोशल ब्लेड/स्क्रीनशॉट)


हमने वेबैक मशीन पर  मुइज़्ज़ू की एक्स प्रोफ़ाइल के आर्काइव वर्ज़न की भी जांच की तो हमें ऐसा कोई ट्वीट नहीं मिला


क्या मालदीव के राष्ट्रपति ने माफ़ी मांगी है?


दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव शुरू होने के बाद से मालदीव में भारतीय उच्चायोग ने मालदीव सरकार के सदस्यों द्वारा पीएम मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की है.


7 जनवरी को एक बयान में मालदीव के विदेश मंत्री ने कहा, "ये राय व्यक्तिगत हैं और मालदीव सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं." राष्ट्रपति मोहम्मद  मुइज़्ज़ू के कार्यालय के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि इसमें शामिल सभी सरकारी अधिकारियों को उनके पदों से निलंबित कर दिया गया है. मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर ने भी विदेशी नेताओं के ख़िलाफ़ टिप्पणियों को "अस्वीकार्य" बताया.


यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि मालदीव के राजनेताओं की विवादास्पद टिप्पणियों के बाद, मालदीव पर्यटन का बहिष्कार करने का आह्वान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कर रहा है. इन टिप्पणियों के बाद भारतीय मशहूर हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त करते हुए, एक्स पर लोगों से मालदीव जाने के बजाय भारतीय पर्यटन स्थलों का आनंद लेने का आग्रह करते नज़र आये. जबकि पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह सहित मालदीव की कई अन्य हस्तियों ने भारत और मोदी के ख़िलाफ़ ऐसी भाषा के इस्तेमाल की निंदा करते हुए बयान जारी किए हैं. वायरल दावे के विपरीत, अभी तक मालदीव सरकार या देश के राष्ट्रपति की ओर से माफ़ी मांगने की कोई रिपोर्ट नहीं है.


निर्णय


वायरल स्क्रीनशॉट में पोस्ट फ़र्ज़ी है और इसे एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल करके बनाया गया है. मालदीव के राष्ट्रपति ने अपनी सरकार के मंत्रियों द्वारा भारतीय प्रधान मंत्री के ख़िलाफ़ की गई विवादास्पद टिप्पणियों के लिए कोई माफ़ी पोस्ट या डिलीट नहीं की है. 


डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट पहले logicallyfacts.com पर छपी थी. स्पेशल अरेंजमेंट के साथ इस स्टोरी को एबीपी लाइव हिंदी में रिपब्लिश किया गया है. एबीपी लाइव हिंदी ने हेडलाइन, कंटेंट और फोटो में बदलाव करके रिपोर्ट को रिपब्लिश किया है.