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भारत में जैसे आया है सीएए, वैसे अमेरिका जैसे देशों में अल्पसंख्यकों को ऐसे मिलती है नागरिकता

केंद्र सरकार ने 11 मार्च को सीएए लागू कर दिया है. जिसके बाद तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलेगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका समेत दूसरे देशों में कैसे मिलती है नागरिकता?

 

नागरिकता को लेकर दुनियाभर के देशों में अलग-अलग कानून है. वहीं बीते सोमवार को भारत में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के नियम लागू हो गए हैं. इसके बाद भारत के तीन पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका जैसे देशों में अल्पसंख्यकों को कैसे नागरिकता मिलती है. जानिए क्या कहता है वहां का कानून.

अमेरिका

एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में साल 2023 में 59 हजार से ज्यादा भारतीयों ने नागरिकता ली है. जानकारी के मुताबिक अमेरिका की नागरिकता लेने वालों में भारतीय दूसरे नंबर पर है. अमेरिका के सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 2023 में 8.7 लाख विदेशी अमेरिकी नागरिक बने हैं. इनमें 1.1 लाख से ज्यादा नागरिक मैक्सिको के हैं. वहीं 59,100 भारतीयों ने अमेरिका की नागरिकता ली है. इसके अलावा 44,800 फिलिपींस और 35,200 डोमिनिकन रिपब्लिक के लोगों ने अमेरिका की नागरिकता ली है. 

अमेरिकी की नागरिकता लेने के नियम

अमेरिका में नागरिकता पाने के लिए इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट में दी गई पात्रताओं को पूरा करना होता है. जानकारी के मुताबिक अमेरिका में किसी विदेशी नागरिक को नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम पांच साल तक वैध स्थायी निवासी होना जरूरी है. इसके अलावा कोई विदेशी नागरिक किसी अमेरिकी से शादी करता है, उस स्थिति में उसे 3 साल तक वैध स्थायी निवासी होना जरूरी होता है. 

रूसी नागरिकता

रूस में कई आधार पर नागरिकता मिलती है. जैसे किसी बच्चे के जन्म के समय अगर मां-पिता में कोई एक रूसी नागरिक है. इसके अलावा रूस में बच्चे के जन्म को लेकर और भी नियम हैं. सामान्य प्रकिया में रूस में रहने वाले विदेशी नागरिक रूसी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. लेकिन उसके लिए उनके पास वैध स्थायी निवास परमिट होना चाहिए. इसके अलावा वे 5 वर्षों के लिए रूस में एक स्थायी निवासी के रूप में रह चुके हो. नागरिकता पाने के लिए रूसी संविधान का पालन करने के लिए सहमत होना चाहिए. रूस के साथ दोहरी नागरिकता वाले देशों को छोड़कर अगर कोई नागरिक अपने देश की नागरिकता छोड़कर आता है, तो वो भी आवेदन कर सकता है. 

जर्मनी 

जर्मनी की नागरिकता तीन आधार पर दी जाती है. इसमें पहला नेचुरलाइजेशन, दूसरा वंश के आधार पर जिसे इसे लैटिन भाषा में जुस सेंजिनिस कहा जाता है. तीसरा मिट्टी के अधिकार पर इसे लैटिन भाषा में जुस सोली कहा जाता है. इसके लिए आप जर्मनी में कम से कम 8 साल के लिए निवास के परमिट पर होने चाहिए. वहीं जर्मन भाषा की प्रवीणता कम से कम बी1 स्तर की होनी चाहिए. आपका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए. इन सबसे बाद आपको नागरिकता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है. आप वंश के आधार पर भी जर्मन नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आपके माता-पिता में से कोई एक जर्मनी का नागरिक होना चाहिए. वहीं अगर व्यक्ति के जन्म से पहले माता या पिता कम से कम आठ साल तक जर्मनी में रह चुके हैं, तो भी आप आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि जर्मनी ने कई देशों के साथ दोहरी नागरिकता के लिए संधि की है.

 

ये भी पढ़ें: किन-किन देशों में रहने वाले लोगों को मिलेगा सीएए का फायदा, कौन-से देश इस लिस्ट से रहेंगे बाहर

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