नरेंद्र मोदी को एनडीए गठबंधन ने अपना नेता चुन लिया है. सूत्रों के मुताबिक नरेंद्र मोदी की अगुआई में नई सरकार 9 जून को शपथ लेगी. वहीं ये शपथ ग्रहण समारोह शाम 7:15 बजे आयोजित होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरकार कैसे बनती है? आज हम आपको बताएंगे कि चुनाव की ताऱीख से शपथ ग्रहण करने तक क्या-क्या प्रकिया होती है. 


पीएम नरेंद्र मोदी लेंगे पीएम पद की शपथ 


मतगणना के बाद पीएम आवास पर बीते बुधवार को एनडीए की पहली बैठक हुई थी. इस बैठक में 16 पार्टियों के 21 नेता शामिल हुए थे. इस बैठक में एनडीए गठबंधन के सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना है. 


चुनाव से लेकर शपथ तक 


लोकसभा चुनाव 


लोकसभा चुनाव का सबसे पहला चरण चुनाव का होता है. अगर 18 वीं लोकसभा चुनाव की बात करे तो 16 मार्च को चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव-2024 की तारीखों का ऐलान किया था. आयोग की घोषणा के मुताबिक 19 अप्रैल से 7 चरणों में वोटिंग होनी थी. वहीं 4 जून के दिन मतगणना की तारीख तय थी. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी. 


मतगणना


लोकसभा चुनाव के बाद मतगणना एक अहम पड़ाव होता है. मतगणना के जरिए तय होता है, किस पार्टी की सरकार बनेगी. मतगणना के जरिए ही तय होता है कि किस दल या गठबंधन को बहुमत मिला है. इस बार लोकसभा चुनाव के लिए बीते 4 जून के दिन मतगणना हुई है. जिसमें भाजपा की गठबंधन एनडीए को बहुमत मिला है और एनडीए ने नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है. बता दें कि भाजपा को 240 सीटें आई हैं, जबकि एनडीए गठबंधन के खाते में 292 सीटें आई हैं.    


प्रधानमंत्री का इस्तीफा


मतगणना के बाद देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपते हैं. जिसके बाद राष्ट्रपति नए प्रधानमंत्री के शपथ तक पूर्व प्रधानमंत्री को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पद पर कार्य करने के लिए आग्रह करते हैं. 


संसदीय दल के नेता का चुनाव


मतगणना समाप्त होने के बाद जिस दल या गठबंधन को बहुमत मिलता है, वो दल अपने नेता का चुनाव करता है. 18 वीं लोकसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत मिला था. जिसके बाद एनडीए ने सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है. 


राष्ट्रपति के पास सरकार बनाने का दावा पेश करना


राष्ट्रपति लोकसभा चुनाव में मतगणना और पीएम के इस्तीफा के बाद बहुमत हासिल करने वाल दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं. इसके बाद बहुमत प्राप्त दल राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा करता है. सूत्रों के मुताबिक इस बार एनडीए गठबंधन के नेता 7 जून के दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा कर सकते हैं.


शपथ ग्रहण 


राष्ट्रपति महोदय के तरफ से सरकार बनाने की सहमति मिलने के बाद वो दल शपथ ग्रहण समारोह की तारीख और समय की घोषणा करता है. सूत्रों के मुताबिक इस बार एनडीन गठबंधन की सरकार का शपथ ग्रहण 9 जून के दिन शाम 7:15 बजे होगा. शपथ ग्रहण में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे हैं. साल 2019 लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ 24 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ लिया था.


मंत्रियों के विभागों का बंटवारा


सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में सरकार अलग-अलग सांसदों को विभागों के मंत्रियों का कार्यभार सौंपती है. हालांकि ये जरूरी नहीं है कि सरकार पहले कैबिनेट मीटिंग में ही सभी विभागों का बंटवारा करें. कई बार सरकार कुछ दिनों के बाद भी केंद्रीय और राज्य मंत्रियों के नामों की घोषणा और सरकार के कार्यकाल के बीच फेरबदल कर सकती है.  


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