एक्सप्लोरर

स्पेस में कितने दिन का खाना लेकर चलते हैं एस्ट्रोनॉट्स? फंसने पर आता है काम

हर साल अंतरिक्ष में कई यात्री जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्पेस में जाते समय वो कितने दिन का खाना लेकर जाते हैं? चलिए इसका जवाब जानते हैं.

स्पेस में जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स को अपनी यात्रा के दौरान खाना बहुत सोच-समझकर और ठीक तरीके से पैक करना पड़ता है, क्योंकि अंतरिक्ष में कोई खाना बनाने की सुविधा नहीं होती और वहां की स्थितियां पृथ्वी से पूरी तरह अलग होती हैं, इसलिए एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में जाने से पहले ही अपनी जरूरत का पूरा खाना लेकर जाना पड़ता है, लेकिन सवाल ये उठता है कि एस्ट्रोनॉट्स कितने दिन का खाना लेकर जाते हैं और अगर उन्हें लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहना पड़े तो क्या होगा?

एस्ट्रोनॉट्स के लिए स्पेस में खाना कितना जरुरी?

अंतरिक्ष में काम करने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लिए भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं होता बल्कि यह उनके शरीर में ऊर्जा और सेहत को बनाए रखने में भी मदद करता है. अंतरिक्ष में असामान्य परिस्थितियों में शरीर की ऊर्जा खपत ज्यादा होती है और इसी कारण उन्हें पर्याप्त पोषण और ऊर्जा की जरुरत होती है. इसके अलावा, लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से हड्डियों और मांसपेशियों पर असर पड़ता है, जिससे उनका स्वास्थ्य बनाए रखना बहुत जरुरी हो जाता है.

यह भी पढ़ें: Constitution Day: बाबा साहब ने इस चीज को बताया था शेरनी का दूध, कहा- 'जो पियेगा वो दहाड़ेगा'

कितना खाना लेकर जाते हैं एस्ट्रोनॉट्स?

एस्ट्रोनॉट्स के अंतरिक्ष मिशन के हिसाब से उन्हें खाना दिया जाता जाता है. एक औसत अंतरिक्ष मिशन में एस्ट्रोनॉट्स को 7 से 30 दिन तक का खाना ले जाना पड़ता है, जो मिशन के समय और उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी होता है. हालांकि, कुछ लंबी यात्रा वाले मिशनों में जैसे कि मार्स मिशन या अंतरिक्ष में विकसित बस्तियों की तैयारी के लिए, एस्ट्रोनॉट्स को महीनों का खाना ले जाना पड़ता है.

यह भी पढ़ें: 315 बोर की राइफल यूपी सरकार में कौन-कौन करता है इस्तेमाल, जानें इसके लिए क्या हैं नियम?

अंतरिक्ष में कैसे तैयार होता है खाना?

अंतरिक्ष में भोजन खाना पृथ्वी पर खाने से बहुत अलग होता है. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी होती है, जिससे खाने के लिक्विड और ठोस पदार्थ उड़ सकते हैं या फैल सकते हैं. इसलिए, अंतरिक्ष में खाने को इस तरह से तैयार किया जाता है कि वह उड़ने या फैलने से बच सके. बता दें अंतरिक्ष में ज्यादातर खाने को सूखा (डिहाइड्रेटेड) किया जाता है ताकि वह हल्का हो और पैक करने में आसानी हो. एस्ट्रोनॉट्स को इसे फिर से खाने लायक बनाने के लिए पानी डालना पड़ता है. इसके अलावा कुछ भोजन जैसे बिस्किट या एनर्जी बार्स कंप्रेस्ड (दबाकर पैक) होते हैं. ये जल्दी खाए जा सकते हैं और इनका आकार बहुत छोटा होता है, जिससे अंतरिक्ष में जगह बचती है. साथ ही खाने को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए वैक्यूम पैकिंग की जाती है. इस तकनीक से खाद्य सामग्री ताजा रहती है और आसानी से पैक हो जाती है. इसके अलावा अंतरिक्ष में भोजन को खासतौर पर पोषण के हिसाब से तैयार किया जाता है. इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल्स का सही संतुलन होता है, ताकि एस्ट्रोनॉट्स की सेहत सही बनी रहे.

यह भी पढ़ें: Constitution Day: बाबा साहब ने इस चीज को बताया था शेरनी का दूध, कहा- 'जो पियेगा वो दहाड़ेगा'

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Car Door Slamming Rule: इस देश में जोर से गाड़ी का दरवाजा बंद करना गैर कानूनी, पकड़े जाने पर मिलती है कड़ी सजा
इस देश में जोर से गाड़ी का दरवाजा बंद करना गैर कानूनी, पकड़े जाने पर मिलती है कड़ी सजा
Strait of Hormuz: क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जानें कैसे मिला था इसे इसका यह नाम?
क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जानें कैसे मिला था इसे इसका यह नाम?
Gravity Bomb: ग्रेविटी बम क्या है, जिससे ईरान पर हमले की धमकी दे रहा अमेरिका?
ग्रेविटी बम क्या है, जिससे ईरान पर हमले की धमकी दे रहा अमेरिका?
अगर ईरान बर्बाद हो गया तो भारत को कितना होगा नुकसान? एक नजर में जानें हर बात
अगर ईरान बर्बाद हो गया तो भारत को कितना होगा नुकसान? एक नजर में जानें हर बात

वीडियोज

UP News: Hathras में भयंकर सड़क हादसा Etah-Aligarh Highway पर स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी टक्कर
Chitra Tripathi: बेटे Nishant की लॉन्चिंग के लिए Nitish Kumar ने BJP को सौंपी सत्ता? | JDU | Bihar
Bharat Ki Baat: बिहार में BJP से CM की रेस में कौन आगे, क्या होगा फॉर्मूला? | Nitish Kumar | JDU
Sandeep Chaudhary: बिहार का CM कौन...BJP क्यों है मौन? | Nitish Kumar | Bihar | BJP | JDU
Bihar Politics: दिल्ली में Nitish Kumar..बिहार में BJP? निषाद या महिला कौन होगी मुख्यमंत्री? | JDU

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कौन हैं जियांग ज़ुएक़िन? पहले ही कर दी थी अमेरिका-ईरान युद्ध की भविष्यवाणी, बताया जा रहा चीन का नास्त्रेदमस
कौन हैं जियांग ज़ुएक़िन? पहले ही कर दी थी अमेरिका-ईरान युद्ध की भविष्यवाणी, बताया जा रहा चीन का नास्त्रेदमस
UP Weather: यूपी में बढ़ा तापमान, मार्च महीने में ही मई जैसी गर्मी! पढ़ें IMD का ताजा अपडेट
यूपी में बढ़ा तापमान, मार्च महीने में ही मई जैसी गर्मी! पढ़ें IMD का ताजा अपडेट
टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचते ही सूर्यकुमार यादव का बड़ा बयान, कहा- 'बहुत घबराया हुआ था, दिल की धड़कन 160-175 तक...'
टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचते ही सूर्यकुमार यादव का बड़ा बयान, कहा- 'बहुत घबराया हुआ था, दिल की धड़कन 160-175 तक...'
चीन ही नहीं, भारत को भी मिलेगी राहत... ईरान के ऐलान ने अमेरिका-यूरोप की बढ़ाई टेंशन, अब क्या करेंगे ट्रंप?
चीन ही नहीं, भारत को भी मिलेगी राहत! ईरान के ऐलान ने US-यूरोप की बढ़ाई टेंशन, क्या करेंगे ट्रंप?
O Romeo BO Day 21: ‘ओ’रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह तोड़ा दम, 21 वें दिन का कलेक्शन है शॉकिंग
‘ओ’रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह तोड़ा दम, 21 वें दिन का कलेक्शन है शॉकिंग
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
Car Door Slamming Rule: इस देश में जोर से गाड़ी का दरवाजा बंद करना गैर कानूनी, पकड़े जाने पर मिलती है कड़ी सजा
इस देश में जोर से गाड़ी का दरवाजा बंद करना गैर कानूनी, पकड़े जाने पर मिलती है कड़ी सजा
30 साल हो गई उम्र तो जरूर कराएं ये टेस्ट, विमेंस डे पर खुद को दें ये तोहफा
30 साल हो गई उम्र तो जरूर कराएं ये टेस्ट, विमेंस डे पर खुद को दें ये तोहफा
Embed widget