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जंगलों में क्यों लगती है आग, दुनिया में कहां हुआ था सबसे खतरनाक अग्निकांड

पिछले साल उत्तराखंड के जंगलों में आग ने तबाही मचाई थी. अल्मोड़ा के जंगलों में आग 41 दिनों तक धधकती रही थी और कई हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई थी. आइए जानते हैं कि हरे-भरे जंगलों में आग कैसे लग जाती है?

दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका में लगी आग ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. कैलिफोर्निया राज्य के लॉस एंजेलिस के जंगलों में फैली यह आग भयावह होती जा रही है. आग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और छह जंगलों तक यह पहुंच चुकी है. आग कई रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले रही है. इस अग्निकांड में अब तक करीब 10 लोगों को मौत हो चुकी है और करीब 1 लाख लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. 

जंगलों में आग की ऐसी खबरें पहले भी कई बार सामने आई हैं. पिछले साल भारत में उत्तराखंड के जंगलों में आग ने ऐसी ही तबाही मचाई थी. अल्मोड़ा के जंगलों में आग 41 दिनों तक धधकती रही थी, इस दौरान कई हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई थी. अब सवाल यह है कि हरे-भरे जंगलों में आग कैसे लग जाती है? और दुनिया का सबसे बड़ा अग्निकांड कहां हुआ था? चलिए जानते हैं... 

कैसे लग जाती है जंगलों में आग

जंगलों में आग के दो कारण हो सकते हैं. एक है प्राकृतिक और दूसरा अप्राकृतिक. पहले प्राकृतिक कारणों पर आते हैं. आग को जलने के लिए दो चीजों की जरूरत होती है. ऑक्सीजन और तापमान. जंगल ऐसी जगह है, जहां ये दोनों चीजें बखूबी मिलती हैं और यहां की सूखी लड़कियां इस आग के लिए फ्यूल की तरह काम करती हैं. ज्यादा गर्मी या फिर बिजली गिरने पर जरा सी चिंगारी यहां भीषण आग बनने का कारण बन जाती है. वहीं तेज हवाओं के कारण आग पर काबू करना मुश्किल हो जाता है और आग तेजी से फैलती है.  

अब अप्राकृतिक कारणों की बात करते हैं. बीते कुछ सालों में हरे भरे जंगलों में इंसानों के पहुंचने का सिलसिला काफी बढ़ा है. छुट्टियां मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जंगलों में कैंपिंग करते हैं, यहां खाना पकाते हैं और स्मोकिंग भी करते हैं. इस दौरान उनकी जरा सी लापरवाही जंगल में आग का कारण बन जाती है. इसके अलावा ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें रील बनाने के चक्कर में लोगों ने जंगलों को आग के हवाले कर दिया. 

अमेरिका का सबसे बड़ा अग्निकांड

अमेरिका में सबसे बड़ा अग्निकांड 1910 में हुआ था, जब इनलैंड नॉर्थवेस्ट में एक जंगल में लाग लग गई थी. इस आग ने पश्चिमी मोंटाना और उत्तरी इडाहो में तीन मिलियन एकड़ जमीन को जलाकर खाक कर दिया था. इस घटना में 85 लोगों की मौत हुइ थी, जिसमें 78 फायरफाइटर्स थे. जानकारी के मुताबिक, यह अग्निकांड रिकॉर्ड कम बारिश के बाद हुआ था. अग्निकांड का इतना भीषण होने का बड़ा कारण यहां 70 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं थीं, जिसे कारण आग बेकाबू हो गई और एक बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. 23 अगस्त को बारिश के बाद इस आग पर काबू पाया गया था. 

यह भी पढ़ें: अमेरिका में तेजी से फैल रहीं ये तीन बीमारियां, जान लें कौन सी सबसे ज्यादा खतरनाक

 

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