Mauritius Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरिशियस पहुंच गए हैं, जहां उनका भव्य तरीके से स्वागत हुआ और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने खुद एयरपोर्ट पर पीएम का स्वागत किया. जब पीएम वहां पहुंचे तो उनको रिसीव करने के लिए 34 मंत्री एयरपोर्ट पर मौजूद थे. ये क्षण भारत और मॉरीशस के बेहतरीन मजबूत संबंधों को दर्शा रहा था. पीएम 12 मार्च को मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. इस देश को मिनी इंडिया भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर सबसे ज्यादा हिंदू आबादी रहती है. इसके बाद यहां बाकी धर्म के लोग आते हैं. आइए आपको विस्तार से इसके बारे में बताएं. 


किस धर्म की है सबसे ज्यादा आबादी


भारत में रहने वाले लोगों के बीच मॉरीशस बहुत मशहूर है. सेलेब्स और अन्य लोगों को भी ये द्वीप बहुत पसंद आता है. यहां पर भारतीय मूल के लोग बहुतायत में रहते हैं. इस देश में 48 फीसदी हिंदू आबादी है, इसके बाद 33 फीसदी क्रिश्चियन्स और करीब 19 फीसदी मुसलमान रहते हैं. लेकिन इस देश में हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा है. इस देश की राजधानी पोर्ट लुइस है. ये दो हजार 40 स्क्वायर किलोमीटर में फैला हुआ है. यहां की पॉपुलेशन 13 लाख है. 


यहां सबसे ज्यादा भारतीय मूल के लोग


इस देश में भारत से मिली-जुली संस्कृति और परंपरा है, इसलिए इसे मिनी इंडिया भी कहा जाता है. ये महाद्वीप देश ईस्ट अफ्रीका के हिंद महासागर में स्थित है. मॉरीशस भारत में सबसे ज्यादा इन्वेस्ट करने वाला देश है. रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले दो दशक में भारत में मॉरीशस से 161 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट आया है. विदेश मंत्रालय की मानें तो मॉरीशस में रहने वाली कुल 13 लाख की आबादी में 70 फीसदी तो भारतीय मूल के लोग हैं. इस वक्त वहां तकरीबन 2300 भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं और तमाम भारतीय वहां नौकरी भी कर रहे हैं. 


भारत का सपोर्टर है मॉरीशस


मॉरीशस भारत का कई मायनों में सपोर्ट करता है, ये हमारे देश की सुरक्षा और डेवलपमेंट में सहयोगी है. मॉरीशस आतंकवाद को लेकर भारत की नीतियों का भी समर्थन करता है. इन दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष को लेकर भी कई समझौते हैं. इस बार पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हैं, इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुई थीं.