कैसे पकड़े जाते हैं ट्रेन से तकिया या बेडशीट चुराने वाले लोग, ये मिलती है सजा
अक्सर यात्री ट्रेन में सफर के साथ मिलने वाला चादर, कंबल और तकिया साथ ले जाते हैं. सामान की इस चोरी का खामियाजा रेलवे स्टाफ को झेलना पड़ता है और उनकी सैलरी से रुपये तक काट लिए जाते हैं.

Indian Railways: लंबे सफर के लिए लोग भारतीय रेलवे को ही बेस्ट मानते हैं. फिर चाहें वह जनरल डिब्बों के जरिए हो या फिर एसी कोच के लिए. रेलवे अपने यात्रियों को आरामदायक सफर के साथ-साथ कई तरह की सुविधाएं भी देता है. अगर आप एसी कोच से सफर कर रहे हैं, तो रेलवे की ओर से आपको बेड रोल दिया जाता है. इसमें दो चादर, एक कंबल, तकिया यात्रियों को दिया जाता है. हालांकि, रेलवे की तरफ से मिलने वाली ये सुविधाएं यात्रियों को रास नहीं आती हैं और इन सामानों की चोरी हो जाती है.
ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं, जिसमें ट्रेन में सफर करने वाले यात्री सफर के दौरान मिलने वाला चादर, कंबल और तकिया साथ ले जाते हैं. सामान की इस चोरी का खामियाजा रेलवे स्टाफ को झेलना पड़ता है और उनकी सैलरी से रुपये तक काट लिए जाते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप बेड रोल का सामान चुराना आपको भारी पड़ सकता है और इसमें जुर्माने का भी प्रावधान है.
स्टाफ को सौंपना होता है सामान
अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो एसी कोच में आपको आरामदायक सफर के लिए बेड रोल उपलब्ध कराया जाता है. यात्री की जिम्मेदारी होती है कि वह सफर पूरा होने के बाद रेलवे स्टाफ को यह सामान सौंप दें या फिर अपनी सीट पर उसे सुरक्षित तरह से रख दे. कई बार यात्री इस सामान को अपने साथ लिए जाते हैं. 2017-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्टर्न रेलवे से 1.95 लाख तौलिया, 81,736 बेडशीट, 5,038 तकिए, 55,573 तकिए के कवर और 7043 कंबल चोरी हुए थे.
मिल सकती है ये सजा
अगर आप ट्रेन में सफर के समय चादर, तकिया या कंबल चुरा लेते हैं और अपने साथ लिए जाते हैं तो रेलवे आपके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है. रेलवे प्रॉपर्टी एक्ट, 1966 के मुताबिक, चोरी के सामान के साथ पहली बार पकड़े जाने पर एक साल की सजा या फिर 1000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. अगर मामला गंभीर है तो 5 साल की जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है.
यह भी पढ़ें: महाकुंभ के लिए वेटिंग में है टिकट तो क्या फिर भी ट्रेन में चढ़ सकते हैं आप? जान लीजिए नियम
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस
