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क्या एक सिपाही भी प्रमोशन पाकर बन सकता है आर्मी चीफ, क्या होता है इसका प्रोसेस?

हर साल हजारों सैनिकों की आर्मी में भर्ती होती है, लेकिन आर्मी चीफ बनने का सपना कम ही लोगों का पूरा हो पाता है. तो चलिए इस मुकाम पर पहुंचते कैसे हैं ये जानते हैं.

India Army Chief: भारतीय सेना को जल्द ही नया सेना प्रमुख मिलने वाला है. इसके चलते आर्मी चीफ पद काफी चर्चाओं में है. लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून को आर्मी चीफ का पद संभालेंगे. ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर आर्मी चीफ बनते कैसे हैं और इस पद पर आने के बाद आर्मी चीफ को क्या सिपाही भी प्रमोशन पाकर आर्मी चीफ बन सकता है?

कैसे बनते हैं आर्मी चीफ?

भारतीय सेना में अफसर रैंक की नौकरी करने के लिए सबसे पहले नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस (सीडीएस) की परीक्षा देनी होती है. इस परीक्षा में पास होने वाले उम्‍मीदवारों की नियुक्ति ही आर्मी ऑफिसर के रूप में की जाती है. फिर वही अफसर आगे चलकर आर्मी चीफ का पद संभालते हैं. एक अफसर बनने के बाद प्रमोशन पा-पाकर कोई आर्मी चीफ बन पाता है. बता दें कि एक सिपाही का आर्मी चीफ बनना काफी मुश्किल होता है.

सबसे पहले मिलता है ये पद

भारतीय सेना में टेक्निकल एंट्री स्कीम कोर्स के तहत वैकेंसी निकलती है. इसी स्कीम के जरिये चयनित किए गए उम्मीद्वारों की नियुक्ति लेफ्टिनेंट के तौर पर की जाती है. इन्हें 56000-177500 तक सैलरी मिलती है. लेफ्टिनेंट पद पर जब कोई उम्मीद्वार 2 साल का समय पूरा कर लेता है तो उसके बाद उसे कैप्टन पद दिया जाता है. इस पद पर दो साल रहने के बाद उसे मेजर पद मिलता है. जब कोई उम्मीदवार 6 साल तक इंडियन आर्मी में मेजर पद पर रह लेता है तो उसका प्रमोशन लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर हो जाता है.

आर्मी मेजर के पद पर 13 साल तक काम करने वाले को कर्नल के पद पर प्रमोशन मिलता है. आर्मी में कर्नल बनने वाला ही आगे चलकर ब्रिगेडियर के पद पर पहुंचता है, हालांकि ब्रिग्रडियर के लिए कुछ सेवा शर्तें होती है. इसकी पूर्ति होने पर ही इस पद पर प्रमोशन मिल पाता है.

इतने प्रमोशन के बाद बनते हैं सेना प्रमुख

ब्रिगेडियर के पद पर पहुंचने वाला ही आगे चलकर मेजर जनरल बनता हैबता दें कि मेजर जनरल ही प्रमोट होकर लेफ्टिनेंट जनरल बनाया जाता है. सेना में कई लेफ्टिनेंट जेनरल होते हैं. मेजर जनरल के बाद आखिरी पद आर्मी चीफ का होता है. ये पोस्ट काफी समझदार, सुलझे हुए आर्मी अफसर को दी जाती है. इस पद पर 2,50,000 की फिक्स सैलरी मिलती है. इसके अलावा इस पद पर बैठे व्यक्ति को अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं.

यह भी पढ़ें: आर्मी चीफ के पद से रिटायर होने वाले अफसर को क्या सहूलियत मिलती हैं, क्या रिटायरमेंट के बाद कहीं कर सकते हैं जॉब?

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