एक्सप्लोरर

India At 2047: भारत कैसे क्रिप्टो सेक्टर पर रख रहा है सतर्क रुख, अन्य देशों को लेनी चाहिए सीख

Looking Ahead, India@2047: भारत ने अब तक क्रिप्टो करेंसी के नियामक के लिए मिलेजुले संकेतों की पेशकश की है और समय लिया है ताकि यह उद्योग के साथ-साथ निवेशकों के हितों की रक्षा भी कर सके. 

Crypto Regulation: क्रिप्टोकरेंसी सुर्खियों में हैं जब से सुप्रीम कोर्ट ने 2020 की शुरुआत में उन पर पूर्ण प्रतिबंध हटा दिया है. 2021 में एक्सचेंजों और तेजी से बढ़ते बाजारों के प्रसार के साथ, क्रिप्टोकरेंसी के नाम से कोई अनजान नहीं है. भारत में देर से प्रवेश करने के बावजूद क्रिप्टो दुनिया को खुले हाथों से अपनाया और आज लगभग 27 मिलियन भारतीय हैं जो क्रिप्टो संपत्ति रखते हैं, मुख्यतः टियर II और टियर III शहरों में. बता दें कि देश में एक्टिव डीमैट खातों की संख्या भी इससे थोड़ी ही ज्यादा है जो देश में दशकों से मौजूद हैं. 
 
क्रिप्टो के क्षेत्र में केंद्र ने अभी तक क्या कदम उठाए हैं
क्रिप्टोकरेंसी ऐसेट करेंसी और टेक्नोलॉजी का एक बहुत ही दिलचस्प संकेत है. वित्त मंत्रालय द्वारा अब तक उठाए गए कदमों को करीब से देखने से पता चलता है कि हमारे करेंसी रेगुलेटर तीन पहलुओं को अलग तरह से देखते हैं. ऐसा लगता है कि यह मूल कारण है कि भारत ने अब तक क्रिप्टो करेंसी के नियामक के लिए मिलेजुले संकेतों की पेशकश की है और समय लिया है ताकि यह उद्योग के साथ-साथ निवेशकों के हितों की रक्षा भी कर सके. 

देश में क्रिप्टो पर टैक्स का उठा कदम
यदि हम पिछले केंद्रीय बजट के दौरान की गई सभी घोषणाओं को करीब से देखें तो पाएंगे कि ज्यादातर शोर क्रिप्टो ऐसेट्स के टैक्सेशन के आसपास रहा है. हालांकि क्रिप्टो पर टैक्स एक बहुत ही स्वागत योग्य कदम है जिसे तब से आरबीआई ने भी इसे बार-बार दोहराया है. फिर भी ये कहना ज्यादा सही होगा कि ब्लॉकचेन पर बेस्ड क्रिप्टोकरेंसी, करेंसी के मौजूदा डिजिटल संस्करण की तुलना में एडवांस्ड हैं और भारत (हमेशा की तरह) एक नई तकनीक को अपनाने के लिए खुले मन से तैयार है. 

वैध डिजिटल ऐसेट के रूप में सामने आ रही है क्रिप्टो
एक और पहलू देखें तो इसे एक संपत्ति के रूप में मानने और इस पर टीडीएस और टैक्स लगाने से ये वैध ऐसेट के रूप में स्थापित हो सकता है. हालांकि यह तर्क दिया जा सकता है कि क्या दरें ऊंची या कम) हैं? क्या नीति निर्माताओं को उन्हें एसटीसीजी और एलटीसीजी के समान व्यवहार करना चाहिए, क्रिप्टो पर टैक्सेशन इसे अनुमोदित करने का रेगुलेटर का तरीका है. इससे इस बात के भी संकेत मिलते हैं कि अब यह किसी के लिए व्यापार करने और क्रिप्टो के मालिक होने के लिए पूरी तरह से वैध है. ये शुरुआती दिन हैं और समय बीतने के साथ और बढ़ती समझ के साथ, टैक्सेशन धीरे-धीरे अधिक निवेशक अनुकूल हो जाएगा. 

निवेशकों को ना हो परेशानी
यह हमें एक मुद्रा के रूप में क्रिप्टो के तीसरे पहलू को भी सामने लाता है जिसमें कुछ देशों के विपरीत हमारे रेगुलेटर मजबूत रहे हैं. क्रिप्टो करेंसीज मूल्य का एक अत्यधिक लिक्विड भंडार हैं, और हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह भारत और विदेशों में समान रूप से निवेशकों को ट्रीट कर सके. साथ ही ये पक्का कर सके कि क्रिप्टो की सहज कमी की कोई परेशानी नहीं है

भारत और क्रिप्टो-आगे क्या भविष्य है
वित्त मंत्री ने पिछले महीने क्रिप्टो पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के बारे में बात की थी. भारत को अपने पड़ोसियों सिंगापुर और दुबई से आगे नहीं देखना चाहिए ये वो दो देश हैं जो अब सही तरीके से क्रिप्टो क्रांति का नेतृत्व करने में सबसे आगे हैं. क्रिप्टोकरेंसी एक बहुत ही दिलचस्प दोहरे व्यवहार को प्रदर्शित करता है जिसमें एक तरफ यह सभी को दिखाई देता है, लेकिन दूसरी ओर यह तब तक जिम्मेदार नहीं है जब तक यह ब्लॉकचेन पर आधारित रहता है. ये ही असल में विवाद की जड़ है और सरकार को ढांचा तैयार करना चाहिए, एक्सचेंजों के साथ साझेदारी करनी चाहिए और लाइसेंस जारी करना चाहिए ताकि हमारी (और अन्य) जैसी कंपनियां हमारे नियामकों की सुविधा के रूप में कार्य कर सकें और भारत को ब्लॉकचेन तकनीक के साथ आगे ला सकें. 

अन्य देशों में क्रिप्टो की स्थिति
क्रिप्टो को अब तक विभिन्न देशों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है. अल साल्वाडोर अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ बिटकॉइन को लीगल टेंडर के रूप में अपनाने वाला पहला देश बन गया, हालांकि, इसे भारी नुकसान हुआ. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और कई क्रेडिट एजेंसियों की आलोचनाओं के बावजूद, मध्य अमेरिकी राष्ट्र ने बीटीसी को अपने राष्ट्रीय रिजर्व में जोड़ना जारी रखा और यहां तक ​​​​कि बिटकॉइन सिटी नामक एक क्रिप्टो ट्रेडिंग हब स्थापित करने की योजना का खुलासा किया. हालांकि, हाल ही में बीटीसी की कीमतों में गिरावट और कुल क्रिप्टो बाजार में गिरावट के कारण, देश के निवेश का मूल्य कम हो रहा है जिनकी अनुमानित रूप से कीमत 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा है. दूसरी ओर चीन है, जो क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और इसके विभिन्न पहलुओं पर नाटकीय रूप से अपने रुख से पलटा है, इतना अधिक कि क्रिप्टो व्यापारियों और खनिकों को अंततः देश से बाहर जाना पड़ा और अपने व्यवसाय को जारी रखने के लिए अन्य दक्षिण एशियाई देशों में ठिकाने स्थापित करने पड़े. 

भारत के लिए क्रिप्टो पर सतर्कता अच्छी साबित हुई
क्रिप्टोक्यूरेंसी और इसके विभिन्न पहलुओं के लिए भारत के सतर्क दृष्टिकोण को अन्य सरकारों के लिए सीखने की अवस्था के रूप में माना जा सकता है. इस क्षेत्र को पूरी तरह से अपनाने या बैन करने का फैसला लेने से पहले समर्पित रिसर्च करनी बेहद जरूरी है जो भारत सरकार कर रही है. 

ये भी पढ़ें

Digital Rupee: भारत के लिए क्यों अहम है अपनी डिजिटल करेंसी लाना, क्या होगी CBDC और कैसे होगी खास-जानें

Bank Holidays August 2022: त्योहार के कारण अगले कुछ दिन लगातार कई दिन बैंक रहेंगे बंद! देख लें लिस्ट

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

मिडिल ईस्ट में रुकेगी जंग? ट्रंप ने किया बातचीत का इशारा, IAEA चीफ की चेतावनी... ईरान युद्ध के 10 बड़े अपडेट
मिडिल ईस्ट में रुकेगी जंग? ट्रंप ने किया बातचीत का इशारा, IAEA चीफ की चेतावनी... ईरान युद्ध के 10 बड़े अपडेट
केंद्र में मंत्री या राज्यपाल? राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे के सियासी भविष्य की चर्चा तेज
केंद्र में मंत्री या राज्यपाल? राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे के सियासी भविष्य की चर्चा तेज
मिडिल ईस्ट जंग का असर, हवाई यात्रा होगी महंगी, एअर इंडिया ने बढ़ाया किराया, दिल्ली से लंदन का टिकट लाख रुपये पार
मिडिल ईस्ट जंग का असर, अब हवाई यात्रा होगी महंगी, एअर इंडिया ने बढ़ाया किराया
Dhurandhar 2 Ticket Prices: पेड प्रिव्यू के नाम पर धुरंधर 2 के मेकर्स लूट रहे आपकी जेब, तीन हजार तक पहुंची एक टिकट की कीमत
पेड प्रिव्यू के नाम पर 'धुरंधर 2' के मेकर्स लूट रहे आपकी जेब, तीन हजार तक पहुंची एक टिकट की कीमत

वीडियोज

Tesla Model Y vs Mercedes-Benz CLA electric range and power comparison | Auto Live #tesla #mercedes
Strait of Hormuz ही ईरान का सबसे बड़ा हथियार..चल दिया दांव! | US Israel Iran War | Khamenei
AI Impact Summit Congress protests: Rahul के बयान पर संबित का पलटवार | BJP MP
Global Oil Crisis: भारत में गैस की किल्लत का असली सच ! | Gas Crisis In India | Israel Iran War
Global Oil Crisis: जंग की आग में स्वाहा हुई पाकिस्तानी Economy! | Pakistan | Israel Iran War | Trump
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मिडिल ईस्ट में रुकेगी जंग? ट्रंप ने किया बातचीत का इशारा, IAEA चीफ की चेतावनी... ईरान युद्ध के 10 बड़े अपडेट
मिडिल ईस्ट में रुकेगी जंग? ट्रंप ने किया बातचीत का इशारा, IAEA चीफ की चेतावनी... ईरान युद्ध के 10 बड़े अपडेट
केंद्र में मंत्री या राज्यपाल? राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे के सियासी भविष्य की चर्चा तेज
केंद्र में मंत्री या राज्यपाल? राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे के सियासी भविष्य की चर्चा तेज
मिडिल ईस्ट जंग का असर, हवाई यात्रा होगी महंगी, एअर इंडिया ने बढ़ाया किराया, दिल्ली से लंदन का टिकट लाख रुपये पार
मिडिल ईस्ट जंग का असर, अब हवाई यात्रा होगी महंगी, एअर इंडिया ने बढ़ाया किराया
Dhurandhar 2 Ticket Prices: पेड प्रिव्यू के नाम पर धुरंधर 2 के मेकर्स लूट रहे आपकी जेब, तीन हजार तक पहुंची एक टिकट की कीमत
पेड प्रिव्यू के नाम पर 'धुरंधर 2' के मेकर्स लूट रहे आपकी जेब, तीन हजार तक पहुंची एक टिकट की कीमत
शादी का शुभ मुहूर्त, इस दिन बचपन की दोस्त संग सात फेरे लेंगे कुलदीप यादव
शादी का शुभ मुहूर्त, इस दिन बचपन की दोस्त संग सात फेरे लेंगे कुलदीप यादव
तेल संकट के बीच आई राहत भरी खबर, केंद्र सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला, PM मोदी बोले- मिडिल ईस्ट में जंग से...
LPG के उत्पादन में 10% की बढ़ोतरी, तेल संकट के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला
गणित के पेपर का QR कोड स्कैन करते ही बज उठा मशहूर गाना, CBSE परीक्षा में सामने आया हैरान करने वाला मामला
गणित के पेपर का QR कोड स्कैन करते ही बज उठा मशहूर गाना, CBSE परीक्षा में सामने आया हैरान करने वाला मामला
अब भारत में धुआंधार निवेश करेगा चीन, सरकार ने शर्तों में दी ढील... मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला
अब भारत में धुआंधार निवेश करेगा चीन, सरकार ने शर्तों में दी ढील... मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला
Embed widget