हर साल मार्च महीने में अचानक से सर्दी-खांसी, बुखार, शरीर में दर्द लोगों को काफी ज्यादा परेशान करती है. आखिर किस वायरल इंफेक्शन के कारण लोगों को यह तकलीफ होती है. यह जानने केल लिए एबीपी लाइव हिंदी ने इस बारे में विस्तार से जानने के लिए डॉक्टर अजीत बसु से खास बातचीत की. अजीत बसु हावड़ा के 'नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल' कोलकाता में कार्यरत हैं.


हर साल इस वारल इंफेक्शन के मामले सामने आते हैं


भारत में हर साल सीजनल इन्फ्लूएंजा और एवियन इन्फ्लूएंजा के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. साल 2025 में भी सीजनल इन्फ्लूएंजा के कई सारे मामले सामने आ रहे हैं. जिसमें अक्सर लोग जुकाम, बुखार, गले में दर्द आदि से पीड़ित लोग अपनी बीमारी बता रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर साल वैक्सीनेशन की सिफारिश की जाती रही है. हालांकि मार्च के अंत तक इस तरह के मामले कम होने लगते हैं. आज हम इस बीमारी से कैसे बच सकते हैं और क्या है इसके पीछे का कारण इस बारे में विस्तार से बताएंगे. 


क्या है सीजनल या मौसमी इन्फ्लूएंजा 


यह एक एक्यूट सांस से जुड़ी गंभीर इंफेक्शन से जुड़ी बीमारी है. जोकि  इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह लगभग दुनिया के हर हिस्सों में होता है. पूरी दुनिया में कुछ महीनों में ऐसे मामले देखे गए हैं. भारत में हर साल इस वायरल इंफेक्शन का खतरा जनवरी से मार्च के महीने में होता है. जब भी मौसम बदलता है इस बीमारी का खतरा बढ़ता है. जब मौसम पूरी तरह से बदल जाता है तो मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में कमी होने लगती है. 


क्या हो सकते हैं कारण


मौसमी इन्फ्लूएंजा या फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस के पीछे के कारण एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन होता है. यह दुनिया के सभी हिस्सों में लगभग आम है. कई लोग ऐसे हैं जो बिना इलाज के बिल्कुल ठीक हो जाते हैं. इन्फ्लूएंजा लोगों के खांसने या छींकने पर आसानी से फैलता है.


इन्फ्लूएंजा  लक्षण आमतौर पर कुछ ऐसे होते हैं?


इन्फ्लूएंजा के लक्षण आम तौर पर एक संक्रमित व्यक्ति से एक हेल्दी व्यक्ति में फैलने में 2 दिन का वक्त लगता है.


अचानक बुखार आना


 खांसी (आमतौर पर सूखी)


 सिरदर्द


मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द


अस्वस्थ महसूस करना


 गला खराब होना


 नाक बहना


किस वायरस के कारण होती है इन्फ़्लूएंज़ा की बीमारी


इन्फ़्लूएंज़ा वायरस ऑर्थोमिक्सोविरिडे परिवार का एक लिफ़ाफ़े वाला आरएनए वायरस है. यह एक फैलने वाली संक्रामक सांस से जुड़ी गंभीर बीमारी है. इन्फ़्लूएंज़ा वायरस तीन तरह के होते हैं - ए, बी, और सी. 


इन्फ़्लूएंज़ा वायरस के टाइप्स


टाइप ए वायरस यह इंसान और कई पशु प्रजातियों को संक्रमित करता है.


टाइप बी वायरस लगभग विशेष रूप से इंसानों को संक्रमित करता है.


टाइप सी वायरस यह आमतौर पर बहुत हल्के बीमारी का कारण बनता है.


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इन्फ़्लूएंज़ा वायरस से होने वाली बीमारी: 


इन्फ़्लूएंज़ा वायरस से होने वाली बीमारी को मौसमी इन्फ़्लूएंज़ा या फ़्लू भी कहा जाता है.


यह नाक, गले, और फेफड़ों को इंफेक्शन की बीमारी का खतरा रहता है.यह 65 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों, छोटे बच्चों, और कुछ स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों के लिए खतरनाक है.


Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.


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