पश्चिमोत्तासन आसन न सिर्फ आपके मन की शांति प्रदान करता है, बल्कि यह आपकी कई शारीरिक समस्याओं से भी छुटकारा दिलाने में सहायक होता है. इस आसन को नियमित करने से आपके खून की गंदगी साफ होती है. इसके साथ ही यह पेट के कीड़ों को मलद्वार के द्वारा बाहर निकालने में सहायक होता है. इस आसन के कई लाभ होते हैं, आइए आज हम आपको पश्चिमोत्तासन क्या है और इसको करने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं.
क्या है पश्चिमोत्तासन योग
यह एक ऐसा आसन है जिसको सीटिड फॉरवर्ड बैंड पोज भी कहते हैं. यह एक बेहतरीन योग है जो आपके तंत्रिका तंत्र पर एक गहरा प्रभाव डालता है. इससे आपका मन शांत होता है. यह आपके तनाव को दूर करने में मददगार है. यह आसन आधुनिक योग में सबसे महत्वपूर्ण आसनों में से एक है. यह आपके मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करने में बेहद सहायक होता है.
यह एक ऐसा आसन है जिसको सीटिड फॉरवर्ड बैंड पोज भी कहते हैं. यह एक बेहतरीन योग है जो आपके तंत्रिका तंत्र पर एक गहरा प्रभाव डालता है. इससे आपका मन शांत होता है. यह आपके तनाव को दूर करने में मददगार है. यह आसन आधुनिक योग में सबसे महत्वपूर्ण आसनों में से एक है. यह आपके मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करने में बेहद सहायक होता है.
वैसे तो आप सभी जानते हैं कि योग मन और शरीर को आराम देने का एक बहुत अच्छा तरीका है. यह आपके मन को शांत करने के साथ-साथ कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने में भी मददगार होता है. एक स्वस्थ आहार और एक्सरसाइज करने से आप वजन कम करने, मांसपेशियों की टोन में सुधार करने, फ्लेक्सीबिलिटी और शक्ति प्रदान करने में योगदान कर सकते हैं. योग करने से बेहतर दिल के स्वास्थ्य और बेहतर इम्यून सिस्टम भी पाया जाता है.
इस आसन को करने का तरीका
इसके लिए आप सुखासन में बैठकर गहरी सांसें लें और छोड़ें. इससे आपका मन शांत होगा. फिर अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं और अपने दोनों एड़ी और पंजे मिलाएं. अब सांसों को छोड़ते हुए और आगे की तरफ झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ें. फिर अपने माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियां जमीन पर टिकी रहने दें. इस स्थति में आप 30 से 60 सेकेंड तक रहें और धीमी सांसें लेते रहें. अब अपनी पहली स्थति में वापस आ जाएं और आराम करें.
सावधानी- अगर आपको कमर दर्द और गर्दन दर्द हैं तो ये योगासन न करें. अगर आप पहली बार इस आसन को कर रहे हैं तो निश्चित तौर पर आपको इसको करने में थोड़ा असमर्थता हो सकती है. इसलिए आप इस आसन को करने पहले थोड़ी स्ट्रेचिंग कर लें. इससे आपको चोट लगने की संभावना भी कम हो जाती है. अपने शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाने की कोशिश करें. ऐसे कुछ दिनों के अभ्यास के बाद आप इस आसन को जरूर कर पाएंगे.
पश्चिमोत्तासन के लाभ
-इस आसान को निरंतर करने से आपकी स्पाइन यानि कि रीढ़ की हड्डी लचीली होती है.
-शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है.
-इस आसन को करने से कमर व पिंडलियों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे वह लचीली होती हैं.
-इस आसन को लगातार करने से मोटापे की समस्या दूर होती है.
-जिन लोगों के शरीर का निचला हिस्सा भारी होता है इस आसन को करने से उनकी कमर पतली और सुडौल हो जाती है.
-यह आसन चर्मरोग और शारीरिक दुर्गंध को दूर करने में मददगार है.
-इस आसन को करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और खून शुद्ध हो जाता है.
-इस आसान को निरंतर करने से आपकी स्पाइन यानि कि रीढ़ की हड्डी लचीली होती है.
-शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है.
-इस आसन को करने से कमर व पिंडलियों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे वह लचीली होती हैं.
-इस आसन को लगातार करने से मोटापे की समस्या दूर होती है.
-जिन लोगों के शरीर का निचला हिस्सा भारी होता है इस आसन को करने से उनकी कमर पतली और सुडौल हो जाती है.
-यह आसन चर्मरोग और शारीरिक दुर्गंध को दूर करने में मददगार है.
-इस आसन को करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और खून शुद्ध हो जाता है.