एक्सप्लोरर
प्रेग्नेंसी के इन महीनों में पालक खाने से हो सकती है दिक्कत, जानिए कब और कितना खाना है सही
यूं तो पालक ढेर सारे पोषक तत्वों की खान है लेकिन प्रेग्नेंसी में इसका ज्यादा सेवन सेहत खराब कर सकता है. चलिए जानते हैं कि पालक को प्रेग्नेंसी पीरियड में कब खाना चाहिए और कब नहीं.
![प्रेग्नेंसी के इन महीनों में पालक खाने से हो सकती है दिक्कत, जानिए कब और कितना खाना है सही know health risk of spinach during pregnancy period how much spinach is good in pregnancy प्रेग्नेंसी के इन महीनों में पालक खाने से हो सकती है दिक्कत, जानिए कब और कितना खाना है सही](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/01/22/01436ca89fb5577f7bc6512c4d8682191705924374063506_original.jpg?impolicy=abp_cdn&imwidth=1200&height=675)
प्रेग्नेंसी में कितना पालक खाना चाहिए
Source : Freepik
Spinach In Pregnancy: प्रेग्नेंसी (pregnancy)का पीरियड किसी भी मां के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दौरान मां को अपनी सेहत के साथ साथ अपने होने वाले बच्चे की सेहत का भी ख्याल रखना होता है. इन महीनों में होने वाली मां को बच्चे के विकास के लिए ढेर सारे न्यूट्रिएंट्रस खाने की जरूरत होती है. यूं तो पालक (spinach)एक पोषक सब्जी है जिसमें आयरन,कैल्शियम, फोलिक एसिड के साथ साथ ढेर सारे विटामिन होते हैं लेकिन यही पालक प्रेग्नेसी के कुछ खास महीनों में नुकसान करता है.
क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स
हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि प्रेग्नेंसी के कुछ खास समय में पालक का सेवन करना गर्भवती महिला की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. चलिए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में कब और किस समय पालक खाने से बचना चाहिए और इस दौरान कब पालक खाना सुरक्षित हो सकता है.
प्रेग्नेंसी में किस समय पालक खाना है नुकसानदेय
डॉक्टर कहते हैं कि प्रेग्नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में पालक का सेवन करने से बचना चाहिए. इस समय पालक खाने से किडनी में पथरी होने का रिस्क बढ़ जाता है. अगर किसी वजह से कोई महिला पालक खा रही है तो उसे पालक खाने के साथ साथ ढेर सारा पानी पीना चाहिए. तीसरी तिमाही में पालक का ज्यादा सेवन करने से कब्ज की परेशानी बढ़ जाती है. कई मामलों में इस दौरान पालक खाने से सीने में जलन, एसिडिटी और गैस की परेशानी होने लगती है.
हो सकती हैं ये दिक्कतें
पालक में सैलिसिलेट नामक तत्व मौजूद होता है. आपको बता दें कि अगर महिला तीसरी तिमाही में पालक खाती है तो उसे डिलीवरी से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. इतना ही नहीं लास्ट तिमाही में पालक के सेवन से होने वाले बच्चे की सेहत को भी नुकसान पहुंचने का डर बना रहता है. पालक में ऐसे गुण होते हैं जिससे बार बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती है.चूंकि पालक ड्यूरेटिवक फूड की लिस्ट में आता है और बार बार यूरिन आने के कारण गर्भवती महिला को इसके सेवन से दिक्कतें हो सकती हैं.
कब और कितना पालक खाना है सही
चूंकि पालक फोलिक एसिड का खजाना है और प्रेग्नेंसी में बच्चे के विकास के फोलिक एसिड की काफी जरूरत होती है, इसलिए मां पहली तिमाही में पालक का सेवन कर सकती है. प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में एक लिमिट के भीतर पालक का सेवन किया जाए तो ये नुकसान नहीं करता बल्कि फायदा करता है. पहली तिमाही में प्रेग्नेंट महिला एक दिन में आधा कप पालक खा सकती है. इस दौरान पालक का सूप भी बनाकर पिया जा सकता है लेकिन उसकी मात्रा भी आधा कप से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इसके साथ साथ साथ ध्यान रखें कि पालक का सेवन रोज नहीं करना है. एक दिन छोड़कर एक दिन पालक का सेवन किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें ABP News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ लाइव पर पढ़ें बॉलीवुड, लाइफस्टाइल, लाइफस्टाइल और खेल जगत, से जुड़ी ख़बरें
और देखें
Advertisement
ट्रेंडिंग न्यूज
Advertisement
Advertisement
टॉप हेडलाइंस
इंडिया
महाराष्ट्र
बॉलीवुड
यूटिलिटी
Advertisement
![ABP Premium](https://cdn.abplive.com/imagebank/metaverse-mid.png)