सरोगेसी से जुड़वा बच्चों की मां बनी थीं प्रीति जिंटा, जानें क्या होता है इसका पूरा प्रोसेस- कितना आता है खर्च?
प्रीति जिंटा ने सरोगेसी के जरिए जो जुड़वा बच्चों की मां बन चुकी हैं. सरोगेसी का अर्थ है कोई भी कपल बच्चा पैदा करने के लिए किसी महिला का गर्भ किराए पर ले सकते हैं.
![सरोगेसी से जुड़वा बच्चों की मां बनी थीं प्रीति जिंटा, जानें क्या होता है इसका पूरा प्रोसेस- कितना आता है खर्च? Preity Zinta opens up about her IVF journey ahead of welcoming twins through surrogacy सरोगेसी से जुड़वा बच्चों की मां बनी थीं प्रीति जिंटा, जानें क्या होता है इसका पूरा प्रोसेस- कितना आता है खर्च?](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/09/04/9066860520f789885118fe6a1b32e66b1725450533015593_original.jpg?impolicy=abp_cdn&imwidth=1200&height=675)
Preity Zinta Surrogacy: बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा सरोगेसी से जुड़वा बच्चों की मां बन चुकी है. सरोगेसी से मां बनने की लिस्ट में सिर्फ प्रीती ही नहीं बल्कि कई सेलेब्स इस लिस्ट में शामिल है. सरोगेसी के जरिए कई बॉलीवुड कपल इस तरीके से माता-पिता बन चुके हैं. सरोगेसी में कोई भी कपल बच्चा पैदा करने के लिए किसी महिला का गर्भ किराए पर ले सकते हैं.
सरोगेसी के जरिए बच्चा पैदा करने के पीछ हर इंसान के अलग-अलग कारण हो सकते हैं. अगर कपल के अपने बच्चे नहीं हो रहे हैं या प्रेग्नेंसी में किसी महिला को खतरा है तो वह दूसरी महिला का कोख भारे पर ले सकती है.
सवाल यह उठता है कि सरोगेसी क्या है?
सरोगेसी में कोई भी कपल अपने बच्चे पैदा करवाने के लिए दूसरी महिला का कोख किराए पर ले सकता है. सरोगेसी में कोई महिला अपने या फिर डोनर के एग्स के जरिए दूसरे कपल के लिए प्रेग्नेंट होती है. सरोगेसी के जरिए बच्चा पैदा करने की कई सारी वजह हो सकती है. अगर किसी कपल को खुद का बच्चा नहीं हो पा रहा है तो वह दूसरी महिला के कोख का इस्तेमाल कर सकती है.
जो औरत अपने कोख में दूसरे के बच्चे को पालती है उसे सरोगेट मदर कहते हैं. सरोगेसी में एक महिला और बच्चे की चाह रखने वाले कपल के साथ एक एग्रीमेंट होता है. इसमें इस बात पर एग्रीमेंट किया जाता है कि बच्चा पैदा होते ही कानून तौर पर बच्चे की चाह रखने वाले कपल्स को दे दिया जाता है. जिन्होंने सरोगेसी कराई है. सरोगेट मां को प्रेग्नेंसी के दौरान मेडिकल जरूरतों के हिसाब से सभी जरूरत दिए जाते हैं.
दो तरह की होती है सरोगेसी
पहली सरोगेसी को ट्रेडिशनल तरीके से की जाती है. इसमें पिता या डोनर का स्पर्म सरोगेसी अपनाने वाली महिला के एग्स से मैच करवाया जाता है. इस सरोगेसी में सरोगेट मदर ही बॉयोलॉजिकल मदर होती है. वहीं दूसरी तरफ जेस्टेशनल सरोगेसी में सरोगेट मदर का बच्चे से संबंध जेनेटिकली नहीं होता है यानि प्रेग्नेंसी में सरोगेट मदर के एग का इस्तेमाल नहीं होता है. इसमें सरोगेट मदर बच्चे की बायोलॉजिकल मां नहीं होती है. वह सिर्फ बच्चे को जन्म देती है.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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