क्या सोशल मीडिया पर दूसरों की लाइफस्टाइल देखकर आपको भी महसूस होती है कमी, एक्सपर्ट्स से जानें इसे कैसे करें डील?
अगर आप अपने निजी पलों को सोशल मीडिया पर शेयर करने की इच्छा को रोक नहीं पाते हैं. तो समय आ गया है कि आप थोड़ा ब्रेक लें और अपनी सोच पर एक बार फिर से विचार करें.

अगर आप अपने निजी पलों को सोशल मीडिया पर शेयर करने की इच्छा को रोक नहीं पाते हैं. तो समय आ गया है कि आप थोड़ा ब्रेक लें और अपनी सोच पर एक बार फिर से विचार करें. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एकदम जरूरी नहीं है कि हर चीज को सोशल मीडिया पर पोस्ट ही किया जाए. एबीपी लाइव हिंदी ने साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर चैताली बोरल से इस पूरे मामले पर खास बातचीत की. जिसमें उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया को देखकर हम अपनी जिंदगी की कमी को दूर करना चाहते हैं. जोकि सही नहीं और इसे नुकसान हमारी जिंदगी पर लॉन्ग टर्म तक दिखाई देते हैं.
आजकल सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गई है
आजकल पूरी दुनिया एक सोशल मीडिया का अहम हिस्सा बन गई है. देश से लेकर विदेश में बैठे हर व्यक्ति की जिंदगी में क्या चल रहा है नहीं चल रहा है. सोशल मीडिया के जरिए पता चलता रहता है. सोशल मीडिया का असर एक व्यक्ति के मानसिक, शारीरिक और सोशल स्टेटस पर बुरा असर डालता है. एक व्यक्ति के लिए सोशल मीडिया की लत किसी मीठे जहर से कम नहीं होता है.
सोशल मीडिया की लत के नुकसान
1. मेंटल हेल्थ पर पड़ता है बुरा असर: सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा इस्तेमाल करने से दिमाग पर काफी ज्यादा बुरा असर होता है. इसके कारण दिमाग
2. स्ट्रेस और अवसाद: लगातार सोशल मीडिया पर दूसरी की लाइफस्टाइल देखकर लोग दुखी हो जाते हैं. क्योंकि वह सामने वाली की लाइफस्टाइल से अपनी लाइफस्टाइल की तुलना करने लगते हैं. जिसके कारण वह हीन भावना, असुरक्षा जैसी स्थिति पैदा होने लगती है.
3.नींद की कमी: सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. क्योंकि इससे दिमाग काफी ज्यादा एक्टिव रहता है. इससे नींद की क्वालिटी भी काफी ज्यादा खराब होती है.
4. डोपामाइन पर निर्भर: लाइक्स, कमेंट्स और शेयर पर निर्भरता दिमाग में डोपामाइन रिलीज करती है. जो अस्थायी खुशी देती है.
2. आंखों की दिक्कत: अगर काफी देर तक स्क्रीन पर वक्त बिताते हैं तो इसके कारण आंखों में जलन और थकान की समस्या हो सकती है. सिर्फ इतना ही नहीं काफी ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के कारण घंटों एक ही जगह बैठे रहने के कारण मोटापा और शारीरिक समस्याएं हो सकती है.
3.सोशल स्टेटस पर पड़ता है बुरा असर: असली रिश्तों के बजाय वर्चुअल रिश्तों को महत्व देने के कारण पारिवारिक और सामाजिक संबंध कमजोर हो जाते हैं. इसके कारण रिश्ते पर बुरा असर होता है. जरूरी कामों को टालकर सोशल मीडिया पर जितने लोग भी अपना समय बिताना व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी को काफी ज्यादा प्रभावित करता है. जोकि आपकी पर्सनल ग्रोथ के लिए भी ठीक नहीं है.
एक्सपर्ट्स से जानें इसे कैसे करें डील?
एक वक्त तक सोशल मीडिया पर समय बिताएं फिर अपने समय को ट्रैक करें. एक समय सीमा रखें. फोटो में डिजिटल वेलनेस या स्क्रीन टाइम का काफी ज्यादा इस्तेमाल न करें.
सोशल मीडिया डिटॉक्स करें- हफ्ते या महीने में कुछ दिन सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहें. इस दौरान अपनी पसंदीदा एक्टिविटी पर बैन लगाएं, जैसे पढ़ाई, योग, या कोई नया हुनर सीखना.
रियल लाइफ पर फोकस करें- अपने दोस्तों, फैमिली के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताएं. आउटडोर एक्टिविटीज, जैसे वॉकिंग, साइकलिंग, या पिकनिक पर जाएं.
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नो-फोन जोन बनाएं- सोने से एक घंटा पहले और खाने के दौरान फोन का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें. डाइनिंग टेबल और बेडरूम में फोन का इस्तेमाल न करें.
नोटिफिकेशन बंद करें- सोशल मीडिया ऐप्स की नोटिफिकेशन बंद कर दें ताकि हर बार अलर्ट देखकर ध्यान न भटके.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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