खुद के हाथों से गुदगुदी करने पर क्यों नहीं आती हंसी... ये है इसकी वजह
गुदगुदी महसूस करने के लिए सरप्राइज एलिमेंट की जरूरत होती है.जब हम गुदगुदी खुद ही करते हैं तो दिमाग पहले ही स्किन को सिग्नल भेज देता है, कि गुदगुदी लगने वाली है ऐसे में सरप्राइज एलिमेंट खत्म हो जाता है
![खुद के हाथों से गुदगुदी करने पर क्यों नहीं आती हंसी... ये है इसकी वजह Why tickling with own hands does not tickle know what is the reason खुद के हाथों से गुदगुदी करने पर क्यों नहीं आती हंसी... ये है इसकी वजह](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2023/05/31/bc948f05df6f16219dbd8012c717d41d1685553284327603_original.jpg?impolicy=abp_cdn&imwidth=1200&height=675)
Why Do We Feel Tickish: गुदगुदी एक ऐसी चीज है जो हर किसी को महसूस होती है.जैसे ही कोई दूसरा व्यक्ति आपको छूता है आपको अजीब सनसनाहट महसूस होती है. आप जोर-जोर से हंसने लगते हैं. कई बार बच्चों और बड़ों के साथ मजाक-मजाक में भी हंसने के लिए ऐसा किया जाता है. लेकिन कभी आपने इस बात पर गौर किया है कि आपको खुद अपने हाथों से गुदगुदी क्यों नहीं लगती. जब आप अपने हाथों से अपने शरीर को छूने की कोशिश करते हैं तो आपको हंसी बिल्कुल भी नहीं आती. ऐसा क्यों होता है? क्या है इसके पीछे का कारण? सब कुछ जानेंगे आगे के आर्टिकल में.
क्या है गुदगुदी के पीछे का साइंस
गुदगुदी का एहसास होने के लिए हमारे दिमाग के दो हिस्से जिम्मेदार होते हैं. पहला है सोमेटोसेंसरी कॉर्टिक्स. ये वो हिस्सा है जो टच को समझता है. दूसरा है एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स .ये खुशी और सेंसेशन के एहसास को समझने का काम करता है. जब हम खुद को गुदगुदी लगाते हैं तो दिमाग का सेरिबेल्म हिस्से को पहले से ही इस बात का अंदाजा हो जाता है, जो कॉर्टेक्स को इस बारे में सूचित कर देता है. ऐसे में गुदगुदी के लिए तैयार कॉर्टेक्स पहले से अवेयर हो जाते हैं. जिस वजह से हमें गुदगुदी नहीं लगती.
बता दें कि गुदगुदी महसूस करने के लिए सरप्राइज एलिमेंट की बहुत जरूरत होती है. जब हम गुदगुदी खुद से ही करते हैं तो दिमाग पहले से ही स्किन को सिग्नल भेज देता है, कि गुदगुदी लगने वाली है ऐसे में वो सरप्राइज एलिमेंट खत्म हो जाता है और इंसान को गुदगुदी नहीं लगती है. मगर जब कोई और शख्स हमें गुदगुदाता है तो दिमाग यह सिग्नल पहले से नहीं भेज पाता. दिमाग इसके लिए पहले से तैयार नहीं होता और अचानक से जब गुदगुदी होती है तो हमें बहुत हंसी आती है.
गुदगदी कैसे फायदेमंद है?
दूसरे के द्वारा गुदगुदी महसूस होने की एक अच्छी बात ये भी है कि दिमाग हमें कई खतरों से बचा लेता है. जब कीड़े मकोड़े के शरीर पर रहने का एहसास होता है तो हमें पता चल जाता है कि हमें उन्हें तुरंत शरीर से हटाना है. अगर खुद से गुदगुदी करने का एहसास होने लगे तो दिमाग फर्क ही नहीं कर पाएगा कि किस गुदगुदी से हमें खतरा है और किस नहीं.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
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