प्रोटीन इंसानी सेहत का लाजिमी हिस्सा है. प्रोटीन दूध, मांस, मछली, अंडे और दालों से हासिल किया जा सकता है. प्रोटीन यूनानी भाषा से लिया गया शब्द है. जिसका मतलब होता है बुनियादी या प्रथम. हमारे शरीर के वजन का 18 से 20 फीसद हिस्सा प्रोटीन होता है.
शरीर के लिए प्रोटीन कितने हैं जरूरी?
प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट्स और फैट की तरह एक बुनियादी पोषक तत्व है. बुनियादी पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा मुहैया कराता है. विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन का फूड में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है. प्रोटीन से भरपूर फूड के इस्तेमाल के नतीजे में पेट प्रोटीन को तोड़ कर एमिनो एसिड में तब्दील करता है. उसके बाद छोटी आंत प्रोटीन का अवशोषण कर लेता है. इस प्रक्रिया के बाद एमिनो एसिड हमारे जिगर तक पहुंचते हैं.
जिगर ये तय करता है कि हमारे शरीर के लिए जरूरी एमिनो एसिड कौन से हैं. जिगर इस्तेमाल योग्य प्रोटीन को शरीर के लिए मुहैया करता है. जबकि नुकसानदेह हिस्सों को खारिज करता है. विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को प्रोटीन की मात्रा की अलग-अलग जरूरत होती है. एक बालिग लड़की को दिन में 45 ग्राम जबकि लड़के को दिन में कम से कम 55 ग्राम प्रोटीन इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
कैसे हासिल किए जा सकते हैं न्यूट्रिएन्ट?
उनका कहना है कि दूध, मांस, मछली, अंडे और दालों से प्रोटीन की कमी को पूरा किया जा सकता है. रोजाना की बुनियाद पर व्यायाम करने वाले और वजन में कमी लाने के इच्छुक लोगों को प्रोटीन का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए. ताकत बढ़ाने वाला व्यायाम करने से पुट्ठों में मौजूद प्रोटीन टूटने लगते हैं. ऐसे में प्रभावित पुट्ठों को ताकतवर बनाने के लिए प्रोटीन की ज्यादा जरूरत होती है.
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