Budh Ka Rashi Parivartan: ज्योतिष में बुध ग्रह को बहुत ही सौम्य ग्रह माना गया है. बुध को मिथुन व कन्या राशि का स्वामी माना गया है. नवग्रहों में बुध को बहुत अहम ग्रह माना गया है. जन्म कुंडली में बुध ग्रह शुभ होने से व्यक्ति विद्वान होता है. बुध व्यक्ति को तार्किक और बाकपटु बनाता है.


बुध शुभ होने पर व्यक्ति की वाणी भी मधुर होती है. ऐसे लोग सुरीले होते हैं. पौराणिक ग्रंथों में बुध को चंद्रमा और बृहस्पति की पत्नी तारा की संतान बताया गया है. इसलिये बुध में चंद्रमा व बृहस्पति की विशेषताएं भी पायी जाती हैं.


बुध का प्रभाव
बुध का संबंध व्यापार और संचार संसाधनों से भी है. बुध कन्या राशि में उच्च के माने जाते हैं वहीं मीन राशि में नीच के हो जाते हैं. सूर्य, शुक्र और राहू के साथ बुध की मित्रता वहीं चंद्रमा से इनकी शत्रुता है. शनि, मंगल, बृहस्पति और केतु के साथ इनका संबंध तटस्थ है.


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अशुभ बुध
जब बुध अशुभ होते हैं तो व्यक्ति की स्मरण शक्ति कजोर कर देते हैं. सिर दर्द, और त्वचा से संबंधित रोग भी बुध देते हैं. बुध का राशि परिवर्तन व्यक्ति की कुंडली में भाव स्थान के अनुसार शुभाशुभ फल प्रदान करता है.


बुध को शुभ बनाने के उपाय
जिन लोगों की जन्म कुंडली में बुध अशुभ है उन्हें बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए. गणेश मंत्रों के साथ गणेश जी की पूजा करने से इसकी अशुभता में कमी आती है.


बुध राशि परिवर्तन का समय 
25 अप्रैल 2020 को सुबह 2 बजकर 43 के बाद बुध मेष राशि में प्रवेश करेंगे. बुध इस राशि में 9 मई तक रहेंगे.


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