Surya Grahan 2025: 29 मार्च को सूर्य ग्रहण, सत्ता में होगा बदलाव, ज्योतिषाचार्य से जानें क्या है संकेत
Surya Grahan 2025: साल 2025 में भी चार ग्रहण देखने को मिलेंगे. इनमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे. साल का पहला सूर्य ग्रहण बेहद खास दिन लगने वाला है. इसका प्रभाव कैसा होगा सब जानें.

Surya Grahan 2025: 14 मार्च 2025 साल का पहला चंद्र ग्रहण लगा और इसके ठीक 15 दिन बाद यानी 29 मार्च 2025 को चैत्र अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा. 29 मार्च 2025 को होने वाला सूर्य ग्रहण मीन राशि और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में घटित होगा. इस दौरान, सूर्य, राहु, शुक्र, बुध और चंद्रमा सभी मीन राशि में स्थित होंगे, जो इस ग्रहण के प्रभाव को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना देंगे.
साल 2025 में भी चार ग्रहण देखने को मिलेंगे. इनमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य एवं चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है. इस दौरान शुभ कार्य और पूजा-पाठ करने की मनाही होती है. लापरवाही करने या बरतने से शारीरिक और मानसिक सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
पहला सूर्य ग्रहण 2025
पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगेगा. यह आंशिक सूर्य ग्रहण और रात को लगने के कारण भारत में दिखाई नहीं देगा.
- कहां दिखेगा - पहला सूर्य ग्रहण यूरोप, रूस और अफ्रीका में दिखाई देगा. यह ग्रहण मीन राशि और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में घटित होगा.
- शुभ संयोग - इस दौरान सूर्य, राहु, शुक्र, बुध और चंद्रमा सभी मीन राशि में स्थित होंगे, जिससे इस खगोलीय घटना का ज्योतिषीय महत्व और बढ़ जाएगा.
दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर की रात्रि में लगेगा, जो आश्विन मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन रात 22:59 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 03:23 बजे तक प्रभावी रहेगा.
- कहां दिखेगा - इस पूर्ण ग्रहण को न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भागों में देखा जा सकेगा.
- सूतक काल - यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका धार्मिक प्रभाव भी नहीं होगा और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा. साल का दूसरा ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में आकार लेगा.
29 मार्च को पहला सूर्य ग्रहण ( पूर्ण सूर्य ग्रहण )
पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन लगेगा. यह पूर्ण ग्रहण दोपहर 02:21 बजे से शाम 06:14 बजे तक रहेगा. यह विशेष रूप से बरमूडा, बारबाडोस, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, उत्तरी ब्राज़ील, फिनलैंड, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, आयरलैंड, मोरक्को, ग्रीनलैंड, कनाडा का पूर्वी भाग, लिथुआनिया, हॉलैंड, पुर्तगाल, उत्तरी रूस, स्पेन, सूरीनाम, स्वीडन, पोलैंड, पुर्तगाल, नॉर्वे, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड और अमेरिका के पूर्वी क्षेत्र, आदि में देखा जा सकेगा.
यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा. साथ ही इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इस दौरान मीन राशि और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में ग्रहों का विशेष संयोग बनेगा.
पांच ग्रहों का संयोग - इस दिन मीन राशि में सूर्य और राहु के अतिरिक्त शुक्र, बुध और चंद्रमा उपस्थित होंगे. इससे द्वादश भाव में शनि विराजमान होंगे. इससे तीसरे भाव में वृषभ राशि में बृहस्पति, चौथे भाव में मिथुन राशि में मंगल और सप्तम भाव में कन्या राशि में केतु स्थित होंगे. पांच ग्रहों का प्रभाव एक साथ होने के कारण इस ग्रहण का राशियों पर बहुत गहरा प्रभाव देखने को मिल स कता है।
भारत में दिखाई नहीं देगा सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा. चूंकि यह खगोलीय घटना भारतीय समयानुसार घटित नहीं होगी, इसलिए भारत में इस ग्रहण का कोई धार्मिक या ज्योतिषीय प्रभाव नहीं माना जाएगा. यही कारण है कि भारत में इस ग्रहण के लिए सूतक काल मान्य नहीं होगा.
शनि गोचर और सूर्य ग्रहण
29 मार्च 2025 को सूर्य ग्रहण के साथ-साथ एक और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना हो रही है शनि का गोचर. शनि, जो कुंभ राशि में स्थित थे, मीन राशि में प्रवेश करेंगे. यह विशेष संयोग है, क्योंकि शनि का मीन राशि में प्रवेश 100 वर्षों बाद हो रहा है. शनि के मीन राशि में प्रवेश के कारण यह समय धनु, मिथुन और कर्क राशि के जातकों के लिए बहुत शुभ रहेगा.
यह गोचर इन राशियों के जातकों के लिए एक नए अध्याय का आरंभ होगा, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा शनि 3 जून 2027 तक मीन राशि में रहेंगे, जो इन राशियों के लिए एक दीर्घकालिक लाभकारी स्थिति हो सकती है.
प्राकृतिक आपदाओं की आशंका
- चार ग्रहणों की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का समय से ज्यादा प्रकोप देखने को मिलेगा. इसमें भूकंप, बाढ़, सुनामी, विमान दुर्घटनाएं का संकेत मिल रहे हैं.
- प्राकृतिक आपदा में जनहानि कम ही होने की संभावना है. फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार. व्यापार में तेजी आएगी
- . बीमारियों में कमी आएगी. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. आय में इजाफा होगा. वायुयान दुर्घटना होने की संभावना.
- पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे.
- सत्ता संगठन में बदलाव होंगे. पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा. आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है.
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