Haunted Place In Rajasthan: घूमने फिरने के लिहाज से राजस्थान जैसा खूबसूरत और कुछ भी नहीं. यहां पर एक से बढ़कर एक किले, महल, खूबसूरत नजारे देखने के लिए मिलते हैं. राजस्थान भारत के प्राचीन इतिहास का एक आईना है. यह भारत का एक ऐसा स्थान है जहां भारत के बड़े-बड़े वीर वीरगति को प्राप्त हुए हैं. यहां के किले और खूबसूरत नजारे आपको दुनिया में दूसरा कहीं देखने को नहीं मिलेगा. यही वजह है कि लोग राजस्थान घूमने तो जरूर जाते हैं. लेकिन आपको बता दें कि राजस्थान में कुछ ऐसी भी जगह है जहां पर 6  बजे शाम के बाद से जाने की मनाही है. कुछ ऐसे किले हैं जहां सूरज ढलने के बाद कोई कदम नहीं रख सकता. यहां पर पैरानॉर्मल एक्टिविटीज देखी जाती है. इन किलों में नेगेटिव एनर्जी रहती है तो आइए जानते हैं. वो कौन-कौन सी जगहें है.

 

कुलधरा गांव

राजस्थान के जैसलमेर से 14 किलोमीटर दूर कुलधरा गांव है, जो पिछले 200 सालों से वीरान पड़ा है, इसकी गिनती भूतिया जगह में होती है, ऐसा माना जाता है कि इस गांव को साल 1300 में पालीवाल ब्राह्मण समाज ने सरस्वती नदी के किनारे बसाया था.एक वक्त में यहां पर काफी चहल-पहल हुआ करती थी, लेकिन आज के दौर में यहां पर इंसान भटकने से भी डरता है. कहा जाता है कि इस गांव को श्राप दिया गया है कि यहां आने वाला कोई भी ज्यादा दिनों तक नहीं रह पाएगा. वहीं कुलधरा गांव अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित तरीके से रखा जाने वाला एक ऐतिहासिक जगह बन गया है.पर्यटक यहां आकर घूम सकते हैं. गांव में आप रोजाना सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक घूमना फिरना कर सकते हैं. इसके बाद से यहां पर आने जाने की मनाही है. क्योंकि यह भूतिया जगह मानी जाती है. इसलिए स्थानीय लोग सूर्यास्त के बाद यहां का द्वार बंद कर देते हैं.

 

भानगढ़

भूतिया जगह की बात करें तो भानगढ़ का किला भी इस लिस्ट में आता है. यहां पर सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक आप घूम सकते हैं. लेकिन इसके बाद इसके किले के अंदर जाने की इजाजत नहीं है इस किले में कई बार पैरानॉर्मल एक्टिविटी देखी गई है. रात होते ही यहां पर चिल्लाने, रोने की आवाज आती है, चूड़ियों की खनक ने की आवाज आती है और कई तरह की परछाइयां भी दिखाई देती है. आर्कलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने भी यहां रात में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

 

राणा कुम्भा पैलेस

चित्तौड़गढ़ का राना कुम्भा पैलेस इस राज्य की सबसे डरावनी जगह में से एक है. कहा जाता है कि यहां जाने के बाद आपकी मुलाकात भूतों से तो जरूर हो सकती है. दरअसल दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने इस महल पर हमला कर दिया था और खुद को खिलजी से बचाने के लिए यहां की रानी पद्मिनी ने 700 महिला अनुयायियों के साथ आत्मदाह कर लिया था.